1956 में उत्तराखंड के हरदयाल सिंह ने रचा था इतिहास, भारत लाए थे ओलंपिक गोल्ड मेडल

जब अमेरिका को पांच गोल दाग कर हराकर चखाया था मजा, अमेरिका को एक भी गोल करने का मौका तक नहीं दिया था

1956 में उत्तराखंड के हरदयाल सिंह ने रचा था इतिहास, भारत लाए थे ओलंपिक गोल्ड मेडल

पहले भारत की बेटियों ने कांस्य व सिल्वर मेडल भारत के नाम दर्ज किया वहीं मेंस हॉकी टीम ने भारत का गौरव बढ़ाते हुए 41 साल बाद मेंस हॉकी टीम ने ओलंपिक में कांस्य पदक अपने नाम कर कर लिया हालाकिं की हम इस साल भी गोल्ड तक नहीं पहुंचे लेकिन कांस्य पदक तक आना भी किसी चुनौती से कम नहीं है। इससे पहले 1980 में ओलिंपिक में पदक जीता था। वहीं इस बार की मेंस हॉकी टीम ने अपने जूनून और जज्बे के साथ अपने भारत का खोया हुआ गौरव वापस ले आएं। 


लेकिन आज हम ऐसे व्यक्ति के बारे में बता रहे है जिन्होंने 1956 में भारत ने मेलबर्न, आस्ट्रेलिया में हुए ओलंपिक में स्‍वर्ण पदक जीता था। इस जीत का परचम लहराने वाले  उत्तराखंड देहरादून के हरदयाल सिंह जी थे जिन्होंने भारत को गोल्ड दिया था। 17 अगस्त 2018 में 90 वर्षीय हरदयाल सिंह जी ने दुनिया को अलविदा कह दिया, लेकिन भारत उनकी प्रतिस्पर्धा और योगदान को कभी नहीं भूल सकता। 

हरदयाल सिंह ने किया था पांच गोल

भारतीय हॉकी टीम के कप्‍तान थे बलबीर सिंह सीनियर की अगुवाई में 1956 में मेलबर्न व ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैदान में उतरे थे। 28 नवंबर 1956 में जब बलबीर सिंह जी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेल रहे थे उस वक़्त बलबीर सिंह जी को चोट लगने से घायल हो गए इसके बाद अगला मैच अमेरिका से होना था उस वक़्त बलबीर सिंह जी ने 27 वर्षीय हरदयाल सिंह को मैदान में उतरा वहीं सबसे मजबूत मानी जाने वाली अमेरिका टीम के खिलाफ हरदयाल सिंह जी ने पांच गोल दागे थे। जबकि भारतीय खिलाड़ियों ने अमेरिका को एक भी गोल करने का मौका तक नहीं दिया था। उस मैच में भारतीय टीम ने अमेरिका को 16-0 से रौंदकर जीता था। इस ऐतिहासिक जीत उस ओलंपिक में भारत के मेडल जीतने के इरादे का पक्‍का कर दिया था।

भारतीय हॉकी टीम की ये छठी जीत थी 

मेलबर्न से पहले भारत अफगानिस्तान को 14-0 हराकर अपनी जीत दर्ज करवाई थी। भारतीय हॉकी टीम ने तीनों ग्रुप में अपने सभी मैच जीते थे। जिसके बाद 1956 के मेलबर्न ओलंपिक खेलों में कुल 12 हॉकी टीमें तीन ग्रुप में हिस्‍सा ले ले रही थीं। 28 नवंबर 1956 को अमेरिका के खिलाफ 16-0 से जीत दर्ज की। 30 नवंबर 1956 को ग्रुप 'ए' के पांचवें मैच में भारतीय टीम ने सिंगापुर की टीम के 6-0 से पराजित किया। 3 दिसंबर 1956 को हुए सेमीफाइनल के रोमांचक मुकाबले में भारत ने जर्मनी को 1-0 से पराजित किया। फाइनल में भारत का मुकाबला पाकिस्तान की टीम से था। जिसे भारत ने 1-0 से पाकिस्तान को हरा कर जीत लिया था। तब तक ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीम की ये छठी जीत थी। ये ओलंपिक में टीम खेल में किसी भी देश के लिए एक रिकॉर्ड था।