फिल्में कैसे पैसा कमाती है ? 

Bollywood की लगभग सभी Movies Friday को ही Release होता हैं. मगर क्यू? Friday को ही फिल्म क्यू रिलीज़ करते है,

फिल्में कैसे पैसा कमाती है ? 
Bollywood की लगभग सभी Movies Friday को ही Release होता हैं. मगर क्यू? Friday को ही फिल्म क्यू रिलीज़ करते है, साफ़ सब्दो में कहा जाये तो ये  पैसा कमाने की एक technique है क्युकी Friday, Saturday and Sunday को लगभग सभी लोग फ्री रहते है और ज्यादा तर movie देखने जाते है और movie ज्यादा पैसा कमाती है .  हम आपको बताने वाले है की सिनेमा या कहें फिल्में कैसे पैसा कमाती है  (How do Movies make Money).


जब एक movie बनती है तो बहुत सारे Stages से होकर गुज़रती है और पैसा भी कमाती हैं मगर कुछ मूवीज  फ्लॉप भी  हो जाती  हैं. आज हम आपको बताएँगे की एक मूवी / फिल्म  कैसे बनती हैं कैसे उसे कैसे हिट या फ्लॉप कहा जाता है। 


सिनेमा पैसा कैसे कमाते है जानने से पहले जानते हैं की किन-किन stage हो कर एक फिल्म / मूवी बनती है  और खर्च (Expenses) क्या हैं.


जब एक movie बनती है तो ये चार stages से होकर गुजरती हैं.

1. Development
2. Pre- Production
3. Production
4. Post-Production 



1.  Development 
Development Movie बनाने की first stage हैं जिसमे movie की script और dialogue वगैरह लिखे जाते है . मूवी बनाने की बेस  development stage ही हैं.


 2. Pre- Production 
Pre- Production मूवी बनाने की 2nd stage हैं. इस stage में ही movie की cast यानि hero, heroine और दूसरे कलाकारों के साथ -साथ team और  location चुने जाते है , team कहाँ और कैसे शूटिंग करने जाएगी location पे सभी इसी stage में प्लान होता है .


3. Production
अब आता असली काम आनी फिल्म की शूटिंग . फिल्म की script, dialogue, actors and location set करने के बाद शूटिंग स्टार्ट होती है और फिल्म की शूटिंग शुरू से लेकर अंत तक इसी stage में होती हैं. उसके बाद आता है post- Production.


4. Post- Production
Film की सभी शूटिंग होने के बाद post- Production stage आती हैं. जिसमे फिल्म की Editing, Visual Effect, Sound design and Music पर काम होता हैं.


ये चार stage पूरा होने के बाद एक movie बन कर तयार होती है और पैसा कमाने के तैयार होती है। 


Movie बनाने में जितने खर्च होते है वो सभी खर्च Producer अदा करता हैं. जैसे की Hero, Heroin, Designing, Editing, Technician और Film जुड़े सभी खर्च.


तो आप सोचते होंगे की अगर एक movie बनाने में 100 करोड़ों का खर्चा होता है तो producer इससे recover कैसे करता होगा  ? फिल्मो का Business Model सप्लाई चैन (Supply Chain) पे काम करता है और इसमें दो केस (case ) होते हैं.


पहला केस 

इस case में producer ही Distributor होता है जैसे की Dharma production, Erows Now, Yash Raj Film Production आदि.यह सभी अपनी फिल्म खुद ही डिस्ट्रीब्यूट भी करते है। 

दुसरा केस 

इस case में producer एक distributor को अपनी movie बेच देता है और वहा से अपना profit निकाल लेता हैं. इस केस में producer तभी profit में आ जाता है और अब जो काम करना है यानि की movie Hit करवाना   वो सब distributor की हाथ में होता हैं.


अब बात करते है पहले केस की। जब  कोई डिस्ट्रीब्यूटर (Distributor) एक movie खरीदता हैं तो movie को कैसे Hit  करना हैं, ज्यादा से ज्यादा movie के बारे मे लोगो को कैसे बताना है इस पर काम करता है . Movie खरीदने के बाद डिस्ट्रीब्यूटर (Distributor) कुछ पैसा मार्केटिंग, promotion और  Advertising पर खर्च करता हैं. ये सब मिलाकर कर movie का कुल budget निकलता है की movie कितनी में बनी हैं.


उदहारण के तौर पर अगर एक movie 100 crore बनी है और producer ने उसे 150 crore में डिस्ट्रीब्यूटर (Distributor) को बेच दिया। डिस्ट्रीब्यूटर ने  मार्केटिंग में 20 crore खर्च किये र Promotion में 10 crore तो अब इस  movie का कुल budget 180 crore हो गया यानि movie 180 crore में बन कर तयार हुयी है. अगर ये मूवी 180 crore से ज्यादा की कमाई करती है तो Hit कहलाएगी वार्ना flop .


अब जानते है की आखिर डिस्ट्रीब्यूटर (Distributor) पैसा कैसे कमाते है?  


डिस्ट्रीब्यूटर (Distributor) बहुत तरीके से पैसा कमाता हैं, सबसे पहले सेटेलाइट राईट (Satellite Right) से अच्छा पैसा कमा लेता है. सेटेलाइट राईट (Satellite Right) मतलब ये होता है की Release के बाद फिल्म  किस Channel पर सबसे पहले दिखाई जाएगी। 


उसके बाद  Music Right, movie का कोई भी dialogue हिट हुवा तो caller tunes बनाने का राईट से भी अच्छा खासा amount निकल आता है .


उसके बाद movie को theaters में रिलीज़ किया जाता है . Theaters में movie रिलीज़ करने से पहले जो डिस्ट्रीब्यूटर (Distributor) होते है वो Sub-Distributors को फिल्म के राईट बेच देते है.  वो Sub-Distributor  अपने एरिया में जितने सिनेमा theaters है उनको movie प्रिंट (Print) बेच देते हैं. अब जो कोई movie सिनेमा theaters में चलेगी और Ticket बेच कर जितना इनकम आएगी उसे कुल आमदनी (Gross Income) कहते हैं.


सिनेमा theaters में जितने ticket सेल होती उनमे GST लगा होता है,  GST देने के बाद जो आमदनी बचती है वो sub -Distributor के साथ share की जाती है।  इसका अलग अलग ratio होता हैं.


Single Screen थिएटर्स में इसका ratio होता है  25:75  यानि अगर movie 100 crore कमाती है तो 25 crore theaters रखेगा और 75 crore sub -Distributor लेगा.


वही Multiplex theaters में ये ratio  थोडा ज़्यादा होता है और यह सप्ताह के मुताबिक होता हैं.

जैसे:

Week-1 50:50
Week-2 60:40
Week-3 70:30
और बाकी के week में  Week-3 वाला ratio ही चलता है। 

   
यह ratio agreement की मुताबिक होता है जिसमें theatre  भी पैसा कमाता है और distributor भी.


अब जानते है की एक movie flop कैसे होती है. जो Movie अपनी लागत यानि की कुल खर्च नहीं निकाल पाती है  वो फ्लॉप कहलाती है |.जैसे ऊपर के उदहारण में एक फिल्म का कुल खर्चा 180 crore है मान लीजिये जब movie रिलीज़ हुई तो उसका पूरा collection 170 crore हुवा यानि 10 crore का घाटा हुआ डिस्ट्रीब्यूटर को  तो वो movie flop कही जाएगी |