महिलाओं के लिए नहीं बल्कि पुरुषों के लिए बनी थी हाईहील्स

एक समय था जब महिलाओं के लिए पुरुषों के लिए बानी थी हाई हील्स, दस इंच तक हील्स पहनते थे पुरुष

महिलाओं के लिए नहीं बल्कि पुरुषों के लिए बनी थी हाईहील्स

माना जाता है की लड़कियों को हाई हील्स पहनने का बेहद शौक है। वहीं आज के टाइम में भी एक से एक डिज़ाइन के हाई लड़कियां पहनते हुए दिखती है। लेकिन क्या आप सबकों पता है की हाई हील्स लड़कियों के लिए नहीं लड़कों के लिए बनाई गई थी। हालाकिं सुनकर हैरानी तो हो रही होगी पर यह ये सच है। 

दरअसल पिछले कई वर्षों में जब विश्व की जनसंख्या के अधिकतर लोग उस समय में जूते खरीदने में सक्षम नही होते थे,जिस समय में जूतें का उत्पादन होता था लेकिन वह जूतें अधिक दामों में मिलते थे जिन्हे ज्यादातर लोग खरीद ही नहीं पाते थे। हाई हील्स का इतिहास लगभग 1000 ईसा के करीब का रहा है। वहीं हाई हील्स का उपयोग पुरुष ज्यादा मर्दाना दिखने के लिए करते थे। 

ऊँची एड़ी जूते के इतिहास की बात की जाए तो फ्रांस के लुइस चौदहवे का जिक्र करना जरूरी है। दरअसल वह एक महान शासक था लेकिन लंबाई केवल 5 फुट थी। उसने अपनी इस कमी को पूरा करने के लिए 10 इंच के हिल के जूते बनवाए। उसके जूते की हिल्स पर अक्सर उसके द्वारा जीते गए युद्धो का जिक्र उकेरा जाता था। 1740 तक पुरुषो ने ऊँची हील का इस्तमाल करना बंद कर दिया था। 50 साल बाद ऊँची हील के जूते महिलाओ के पैरो से भी गायब हो गए।


पहला चमड़े का बना था जूता 

पुराने पर्सियन लोगों का इतिहास कहता है की हाई हील्स पहन कर धनुष अच्छे से चलाया जा सकता था साथ ही घुड़सवारी करने में भी कोई दिक्कत नहीं होती थी। सर्वाधिक पुराने जूते 1938 में ओरेगन, संयुक्त राज्य अमेरिका में पाए गए 8000 से 7000 ई पू पुराने सैंडल हैं। दुनिया का सबसे पुराना चमड़े का जूता जो गोचर्म के एक ही टुकड़े से बना था। 


वहीं जूते के सामने तथा पीछे सीवन के साथ चमड़े की डोरी से बांधा गया था। यह 2008 में आर्मेनिया की एक गुफा में पाया गया है और यह विश्वास किया जाता है कि यह 3500 ईसा पूर्व का है। 3300 ईसा पूर्व पुराने पर्वतारोहियों के जूते, ओत्जी जिनके तले भालू की खाल से बने थे। 1740 तक पुरुषों ने ऊंची हील का इस्तेमाल करना बंद कर दिया था।