Happy Holi 2022: सुरक्षित प्राकृतिक रंगों से खेले होली, इस तरह से बनायें चेहरे के लिए क्लींजर

होली के लिए अपने खुद के प्राकृतिक रंग बनाकर, आप प्रकृति के लिए अपने दरवाजे खोल सकते हैं और रसायनों के हानिकारक प्रभावों से सुरक्षित रह सकते हैं

Happy Holi 2022: सुरक्षित प्राकृतिक रंगों से खेले होली, इस तरह से बनायें चेहरे के लिए क्लींजर

होली के लिए अपने खुद के प्राकृतिक रंग बनाकर, आप प्रकृति के लिए अपने दरवाजे खोल सकते हैं और रसायनों के हानिकारक प्रभावों से सुरक्षित रह सकते हैं। शहनाज हुसैन कहती हैं कि सूखे गुलाल और आज के गीले रंगों में कई तरह के केमिकल होते हैं, जो त्वचा और सिर की त्वचा में जलन पैदा कर सकते हैं, जिससे एलर्जी और जलन हो सकती है। दूसरी ओर, प्राकृतिक सामग्री जैसे हल्दी, लाल चंदन, मक्का (मक्का), चना चार (बेसन), साथ ही कई फूलों का उपयोग प्राकृतिक रंग प्राप्त करने के लिए किया जा सकता है। 

होली के लिए प्राकृतिक रंग बनाने के कुछ तरीके इस प्रकार हैं:

*लाल अनार के छिलकों को पानी में उबालने पर लाल रंग का हो जाता है।

*लाल चंदन पाउडर को सूखे और गीले दोनों रंगों में इस्तेमाल किया जा सकता है।

*टेसू के फूलों को पानी में उबाल लें। रात भर छोड़ दें। छान लें और पानी का इस्तेमाल होली खेलने के लिए करें। टेसू के फूल एक पीला रंग छोड़ते हैं। टेसू का वानस्पतिक नाम ब्यूटिया मोनोस्पर्मा है।

*मेंहदी पाउडर को बेसन (बेसन) या मक्के के आटे (मक्का) के साथ मिलाकर सूखे हरे रंग के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। 

*चुकंदर को पानी में उबाल लें। यह एक चमकदार मैजेंटा रंग छोड़ता है। ठंडा करके पानी का इस्तेमाल करें। या फिर चुकंदर का रस निकाल लें, इसमें थोड़ा सा पानी मिलाएं और फिर इसका इस्तेमाल करें।

*हल्दी (हल्दी) को सूखे और गीले दोनों रंग के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। सूखे रंग के लिए हल्दी को बेसन के साथ मिलाया जा सकता है। या, इसे पानी में मिलाकर उबाला जा सकता है। रात भर छोड़ दें और फिर इस्तेमाल करें।

*गुलमोहर के सूखे पत्तों को बारीक पीसकर हरे रंग के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। लाल सूत की फूल की पंखुडियों को भी कढ़ाई में भिगोकर रख सकते हैं। 

अपना खुद बनाएं क्लीन्ज़र

अपना खुद का क्लीन्ज़र बनाने के लिए, आधा कप ठंडा दूध लें और उसमें एक चम्मच कोई भी वनस्पति तेल, जैसे "तिल," नारियल या सूरजमुखी का तेल मिलाएं। इसके बाद इन मिश्रण को अच्छी तरह मिलाएं। इस मिश्रण में रूई डुबोएं और चेहरे को साफ करने के लिए इसका इस्तेमाल करें। वही बात करें बालों और नाखूनों की तो होली के रंग इनमे भी बुरी तरह से जम जाते है जो काफी दिनों के बाद निकलते है। नाखूनों से रंग निकालने के लिए पहले ठंडे पानी का इस्तेमाल करें। फिर एक बड़ा चम्मच बादाम का तेल और दो बड़े चम्मच सिरका या नींबू का रस डालें। इन मिश्रण को अच्छी तरह से मिला ले और इसके बाद दस मिनट के लिए नाखूनों को मिश्रण के अंदर रखे। दस मिनट के बाद उँगलियों को बहार निकल दे और किसी कपड़े या कॉटन के माध्यम से पोछे। बात करें बालों की तो पहले बालों को ठन्डे पानी से धो ले ताकि रंग और अभ्रक के टुकड़े धो सकें और उन्हें स्कैल्प पर जमा न हो पाएं। तिल का तेल गर्म करें और अंडे की सफेदी के साथ स्कैल्प और बालों पर लगाएं। फिर आधे घंटे बाद बालों को धो लें।