गुरपतवंत सिंह पन्नू ने उत्तरप्रदेश मुख्यमंत्री अदित्यनाथ को दी धामकी, नौ अक्टूबर को करेगा बवाल

मुख्यमंत्री योगी अदित्यनाथ को धामकी मिली है की नौ अक्टूबर को उनके घर का घेराव किया जाएगा

गुरपतवंत सिंह पन्नू ने उत्तरप्रदेश मुख्यमंत्री अदित्यनाथ को दी धामकी, नौ अक्टूबर को करेगा बवाल

किसानों के खून रंगा लखीमपुर खीरी में सियासी बवाल खड़ा होता जा रहा है. वही खुले आम इस मामले में अब उत्तर प्रदेश ले मुख्यमंत्री योगी अदित्यनाथ को धामकी मिली है की नौ अक्टूबर को उनके घर का घेराव किया जाएगा. इस तरह की खुलेआम धमकी देने वाला सिख फॉर जस्टिस का संस्थापक व कानूनी सलाहकार गुरपतवंत सिंह पन्नू है, यूँ कहा जाए की पन्नू नौ अक्टूबर के लिए किसानों को भड़काने का काम कर रहा है. पन्नू ने नौ अक्टूबर को लखीमपुर खीरी में बवाल मचाने का सोच लिया है. पन्नू दुसरे किसानों को मैसेज भेजकर उसका रहा है की ड्रोन, ट्रेक्टर, और दुसरे वहानों से मुख्यमंत्री योगी के घर के घेराव करेंगे.

 

राज्य पुलिस हुई अलर्ट

पन्नू ने किसानों से कहा है की सरकार की ओर से दी जा रही ४५ लाख की धनराशी मुआवजा वापस कर दो वह उन्हें सरकार से दोगुनी राशि देगा. इसी के चलते कहीं कोई जोखिम ना उठाना पड़ जाए इसके लिए पूरी तैयारी कर ली गई है. मुख्यमंत्री योगी की सभी रूट बदल दिए गए है, केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां और राज्य पुलिस इस धमकी से अलर्ट हो गई है. बता दे की नौ अक्टूबर को एक कार्यक्रम में कई बड़े नेता शामिल होंगे साथ ही बसपा प्रमुख मायावती की रैली भी शामिल है. इसके अलावा कांग्रेस पार्टी की महासचिव प्रियंका गाँधी अपने राजनीतिक अभियान की शुरुआत लखनऊ से कर सकती है.

 

अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा से आ रहे हैं ये मैसेज

इस साल गणतंत्र दिवस पर जिस तरह से किसान उपद्रव करके लाल किला में काला झंडा फेहराने पहुंच गए थे. जिसके बाद  जो किसान चोटिल हुए थे और आंदोलन के विभिन्न चरणों में जिन किसानों की जान गई थी, पन्नू ने उनका नाम, पता और घटना का विवरण मांगा था। पन्नू ने कहा था कि वह इस मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र संघ में ले जाएगा। वह दुनिया को बताएगा कि भारत में किसानों को प्रताड़ित किया जा रहा है। सरकार, जानबूझकर किसान विरोधी कृषि कानूनों को वापस नहीं ले रही है। किसानों को खेत खलियान छोड़कर सड़क पर बैठने के लिए मजबूर किया जा रहा है।

 

गुरपतवंत सिंह पन्नू को भारत लाना बहुत मुश्किल है

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पन्नू को आतंकियों की सूची में शामिल कर रखा है। एनआईए ने पंजाब में पन्नू की संपत्तियां जब्त की हैं। पन्नू अब भारत का नागरिक नहीं है, इसके चलते जांच एजेंसियां उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं कर पाती। एनआईए के एक वरिष्ठ अधिकारी बताते हैं, मौजूदा समय में पन्नू, भारत का नागरिक नहीं है। इसी वजह से जांच एजेंसियां उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं कर पातीं। पन्नू जहां से फोन कॉल करता है, वहां इस तरह की आजादी है। वहां पर ऐसी बातें अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के दायरे में आती हैं। अगर वहां की पुलिस उसके खिलाफ कार्रवाई करती है तो वह मानवाधिकारों के उल्लंघन की श्रेणी में आ जाएगा। एनआईए के एक अधिकारी के मुताबिक, गुरपतवंत सिंह पन्नू को भारत लाना बहुत मुश्किल है। वहां के कानून इस तरह की छूट नहीं देते। आतंकी गुरपतवंत सिंह के पास विदेशी नागरिकता है। उसके खिलाफ कार्रवाई में यही सबसे बड़ी बाधा बन गई है। एनआईए जांच के अलावा पंजाब और हरियाणा में पन्नू के खिलाफ कई केस दर्ज हैं।