BJP ज्वाइन करने के बाद TMC कार्यकर्ताओं की घर वापसी से पहले छिड़का गया गंगा जल

टीएमसी पार्टी छोड़ कर बीजेपी पार्टी ज्वाइन करने वाले कार्यकर्ताओं पर छिड़का गया गंगा जल

BJP ज्वाइन करने के बाद TMC कार्यकर्ताओं की घर वापसी से पहले छिड़का गया गंगा जल

कहा जाता है की प्रदूषित चीजों पर गंगा जल छिड़कने से प्रदूषित चीजें पवित्र हो जाती है या स्वच्छ हो जाती है लेकिन बंगाल में गंगा जल का छिड़काव उन 300  कार्यकर्ताओं पर हुआ है जो टीएमसी पार्टी छोड़ कर बीजेपी पार्टी ज्वाइन कर ली थी। इन 300 कार्यकर्ताओं को बीजेपी ज्वाइन करने के बाद अपनी भूल का एहसास होने लगा जिसके चलते बीरभूम में टीएमसी दफ्तर के बाहर कार्यकर्त्ता भूख हड़ताल पर बैठे थे। इनकी मांग थी कि टीएमसी इन्हें पार्टी में वापस ले। वहीं शुक्रवार को प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं पर गंगा जल का छिड़काव करने के बाद इन्हें टीएमसी में वापस ले लिया गया। गंगाजल कार्यकर्ताओं के प्रदूषित मस्तिष्क को स्वच्छ करने के लिए छिड़का गया। 


प्रदर्शनकारी कार्यकर्त्ता अशोक मंडल ने कहा, "हम चाहते थे कि टीएमसी हमें वापस ले। बीजेपी ज्वॉइन करके हमने अपने गांव में विकास कार्यों को रोक दिया है। बीजेपी की ओर से लगातार प्रदर्शन ने फायदे के बजाय नुकसान ज्यादा किया है। हम स्वयं पार्टी में वापस लौटना चाहते थे। जब तक हमें वापस नहीं लिया जाता है, हम धरना प्रदर्शन करते रहेंगे" प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को सुबह 8 बजे से प्रदर्शन करना शुरू किया और दोपहर के 11 बजे गंगा जल के छिड़काव के साथ प्रदर्शन खत्म हो गया। 


गंगाजल छिड़काव पर बानाग्राम के टीएमसी पंचायत प्रधान तुषार कांति मंडल ने कहा, "बीजेपी एक सांप्रदायिक पार्टी है, जिसने इन कार्यकर्ताओं के मन में जहर बोया और मानसिक शांति छीन ली। इसलिए कार्यकर्ताओं के अशांत मस्तिष्क को शांत करने के लिए गंगा जल का छिड़काव किया गया. हमने अपने नेताओं से बात की और उन्हें दोबारा पार्टी में शामिल किया गया"