बारिश से बिंदाल व रिस्पना की बस्तियों का बुरा हाल, कर रहे है मुवाजे का इन्तजार

पिछले एक सप्ताह से लगातार हो रही बारिश के कारण रिस्पना और बिंदल में उफान से देहरादून में दो नदियों के किनारे बसी बस्तियां खतरनाक रूप से जलमग्न हो रही हैं।

बारिश से बिंदाल व रिस्पना की बस्तियों का बुरा हाल, कर रहे है मुवाजे का इन्तजार

पिछले एक सप्ताह से लगातार हो रही बारिश के कारण रिस्पना और बिंदल में उफान से देहरादून में दो नदियों के किनारे बसी बस्तियां खतरनाक रूप से जलमग्न हो रही हैं। यह बस्ती में रहने वालों के लिए एक गंभीर समस्या है। नई बस्ती (रिस्पना के साथ बसी एक बस्ती) के रहने वाले रामलाल ने टीओआई को बताया, "हमें अपने घर की पहली मंजिल पर जाना पड़ा क्योंकि गुरुवार (26 अगस्त) की रात को बाढ़ का पानी घर के निचे के हिस्से में भर गए था हमारे पास कही और रहने की जगह नहीं है जहाँ जाकर गुजर बसर कर सके। हाल ही में, वाल्मीकि बस्ती, बिंदल के साथ एक बस्ती, नदी के जल स्तर के खतरे के निशान को पार करने के बाद बाल-बाल बच गई थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि गत मंगलवार को उनके घरों के अंदर पांच फुट गहरा पानी जमा हो गया जिससे दहशत फैल गई। 

हमें अपने बच्चों को बचाने के लिए अपने कमरे की एक दीवार तोड़नी पड़ी

वाल्मीकि बस्ती निवासी पूजा ने दावा किया कि वह लगभग बाढ़ के पानी में बह गई थी। उन्होंने बताया की, "हमें अपने बच्चों को बचाने के लिए अपने कमरे की एक दीवार तोड़नी पड़ी, क्योंकि घर के मुख्य दरवाजे से पानी घुस गया था। वाल्मीकि बस्ती के एक अन्य निवासी ज्ञानचंद ने कहा कि प्रशासन के अधिकारियों ने अगले दिन कॉलोनी का दौरा किया और उन लोगों की सूची बनाई, जिन्हें नुकसान हुआ लेकिन अभी तक कोई मुआवजा या मदद नहीं पहुंची है। वही दूसरी तरफ ज्ञानचंद ने कहा मेरे घर की बाउंड्री पानी के तेज बहाव के कारण ढह गई। हमारे खाने-पीने का सारा सामान और बर्तन बह गए। यह मानसून के दौरान एक वार्षिक घटना बन गई है लेकिन नागरिक निकाय इसे रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठा रहा है। 

हाल ही में आई बाढ़ से लगभग 50 परिवार प्रभावित हुए 

एक स्थानीय दुकानदार सय्यम कुमार ने कहा स्थानीय भाजपा विधायक खजान दास ने भी नुकसान झेलने वाले निवासियों को वित्तीय सहायता का वादा किया था। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ प्रभावित परिवारों को ही मुआवजा मिला है। “हाल ही में आई बाढ़ से लगभग 50 परिवार प्रभावित हुए थे, लेकिन उनमें से केवल 10 को विधायक से 3,800 रुपये की सहायता मिली। हममें से बाकी लोग मुआवजे का इंतजार कर रहे हैं। 
इस बीच, जिला मजिस्ट्रेट आर राजेश कुमार ने कहा कि बहाली का काम चल रहा है और प्रभावित लोगों को राहत प्रदान की गई है। “हमने मलबा साफ करने के लिए अर्थ-मूवर मशीनें तैनात की हैं। हमने प्रभावित परिवारों को आकस्मिक धन और राशन किट भी वितरित किए हैं।