अब्बा की जंजीरों को तोड़ नहीं पाई थी दिलीप कुमार और मधुबाला की मोहब्बत

क वक़्त था जब दुनिया दिल दिलीप कुमार का के लिए धड़कता था तब उस वक़्त दिलीप साहब का दिल मधुबाला के लिए धड़कता था

अब्बा की जंजीरों को तोड़ नहीं पाई थी दिलीप कुमार और मधुबाला की मोहब्बत

एक वक़्त था जब दुनिया का दिल दिलीप कुमार के लिए धड़कता था तब उस वक़्त दिलीप साहब का दिल मधुबाला के लिए धड़कता था। इनके जोड़ी और इनके प्यार के किस्से दुनिया भर में छा चुकी थी। दोनों का इश्क़ तो परवान पर था लेकिन अब्बा ने मोब्बत की आग को भुजा के रख दिया था। made for each other दिलीप और मधुबाला की प्रेम कहानी का अंत हो गया और अब्बा की जिद्द और उनका गुस्सा जीत गया। 


दिलीप और मधुबाला ने एक दूसरे उसी वक़्त ही दिल दे दिया था जब यह दोनों तराना के सेट पर मिले थे इस फिल्म के दौरान ही दिलीप और मधुबाला की मोब्बत की कहानी शुरू हुई थी। लेकिन दोनों की उम्र में ग्यारह साल का अंतर था जब मधुबाला 18 साल की थी तब उस वक़्त दिलीप 29 साल के थे। और इस फासले को लेकर मधुबाला के अब्बा कभी राजी नहीं हुए। 


जब सेट पर मारा था तामचा

दिलीप और मधुबाला एक दूसरे से शादी करना चाहते थे लेकिन अब्बा की वजह से मधुबाला ऐसा कदम ना उठा सकी। फिर एक दिन दिलीप भी अपनी जिद्द पर अड़े रहे और मुगले-ए-आजम की शूटिंग के दौरान उन्होंने मधुबाला से कहा था की मैं अभी इसी वक़्त तुमसे निकाह कर सकता हु तुम मेरे घर चलो काजी तैयार है लेकिन मधुबाला खामोश रही जब कुछ देर तक उनका जवाब न मिला तो दिलीप साहब ने मधुबाला एक विकल्प दिया तुम्हे किसी एक को चुनना होगा मैं या अब्बा लेकिन दिलीप उनकी ख़ामोशी समझ गए थे और उसी वक़्त दिलीप साहब ने एक जोरदार तमाचा मधु के गालों पर दे मारा था। कहते है उस वक़्त मधुबाला को काफी तेज बुखार आ गया था। और यह दृश्य देखकर सेट पर मौजूदा लोग हक्के बक्के रह गए थे। 

जब दिलीप ने मधुबाला को ला दिया था खटघरे में 

कुछ समय बाद बीआर चोपड़ा के साथ 'नया दौर' फिल्म को लेकर कोर्ट केस हो गया मधुबाला के अब्बा और दिलीप साहब के बीच मनमुटाव हो गया। नया दौर की कुछ हिस्से शूट हो चुके थे लेकिन कुछ सीन भोपाल में शूट होने थे जिससे लेकर मधुबाला के अब्बा ने उन्हें भोपाल भेजने से इंकार कर दिया था। वहीं जब इस फिल्म को लेकर कोर्ट में केस चला तो दिलीप साहब को उम्मीद थी की वो गवाही मेरे पक्ष में देगी लेकिन मधुबाला ने कोर्ट में गवाही बीआर चोपड़ा के पक्ष में दी। दिलीप उस वक़्त अपना आपा खो बैठे और मधुबाला पर आरोप पर आरोप लगाने लगे जिसे सुनकर मधुबाला ने भरे कोर्ट में कह दिया की मुझे विश्वास नहीं होता की मैंने कभी इस इंसान से प्यार किया था। 

आखिरी समय में मधुबाल ने कही थी दिलीप से यह बात 

इसके बाद दोनों बिछड़ गए दोनों ने अलग अलग शादी कर ली दिलीप साहब ने शायरा बानो तो मधुबाला ने किशोर कुमार से शादी कर ली कहते है जब मधुबाला लन्दन से लौटी तो उन्हें कैंसर हो चूका था वो बेहद बीमार थी इस मुश्किल घडी में किशोर उनका साथ छोड़ चुके थे बिमारी के चलते मधु अपने अब्बा के घर रहने के लिए चली गई लेकिन डॉक्टर ने उन्हें पहले ही बता दिया था की उनके पास महज दो साल का समय है। फिर एक दिन उनके आखिरी समय में दिलीप कुमार अपनी पत्नी सायरा बानो के साथ मिलने आए। कहते है उस वक़्त मधु के चेहरे पर फीकी से मुस्कान थी दिलीप उनकी यह हालत देख कर दुखी थे पर मधु ने दिलीप से जाते जाते दिलीप की आँखों में देखकर इतना कहा की मैं बहुत खुश हु की हमारे शहजादे को उसकी शहजादी मिल गई।