बीजेपी पर जमकर बरसी कांग्रेस प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी कुंभ फर्जीवाड़े को लेकर किया खुलासा

कुंभ फर्जीवाड़े को लेकर गरिमा मेहरा ने बीजेपी सहित मैक्स कारपोरेट सर्विसेज कुम्भ मेला कंपनी का मालिक को बताया मास्टरमाइंड

बीजेपी पर जमकर बरसी कांग्रेस प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी कुंभ फर्जीवाड़े को लेकर किया खुलासा

उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी ने कुंभ फर्जीवाड़े को लेकर एक बड़ा खुलासा किया है। दसौनी का कहना है की  यह फर्जीवाड़ा करने वाली कंपनी का मालिक और मास्टरमाइंड शरत पंत मैक्स कारपोरेट सर्विसेज कुम्भ मेला कंपनी का मालिक है, इसकी पत्नी मल्लिका पन्त भी कम्पनी की मालकिन है। दसोनी ने कहा कि जिस तरह से कुंभ फर्जीवाड़े में उत्तराखंड राज्य की और कुंभ की गरिमा एवं प्रतिष्ठा को तार-तार करने का काम किया गया है उसके लिए उत्तराखंड राज्य की जनता बीजेपी की प्रचंड बहुमत और डबल इंजन की सरकार को कभी माफ नहीं कर पाएगी। 

दसोनी ने कहा कि जिस तरह से एजेंसी को काम देने के बाद पूरी की पूरी सरकार और प्रशासन कुम्भकर्ण की नींद में सो गए और कुंभ के दौरान होने वाले टेस्टिंग के प्रति किसी ने भी गंभीरता नहीं दिखाई ना ही कोई मॉनिटरिंग की गई उसको देखते हुए यही लगता है कि जानबूझकर शरद और उसकी कंपनी को लोगों की जान और स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने की खुली छूट दी गई थी। कांग्रेस पार्टी राज्य सरकार को इस मामले में आड़े हाथों लेते हुए बड़ा प्रदर्शन करने जा रही है। 

मदन कौशिक पर भी साधा निशाना 

उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस की प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी ने भाजपा के सुबे के अध्यक्ष मदन कौशिक पर उत्तराखंड की जनता को भ्रमित करने का आरोप लगाया है। गरिमा दसोनी ने कहा कि या तो मदन कौशिक कम पढ़े लिखे हैं या जानबूझकर जनता को उलझाने का प्रयास कर रहे हैं। दसोनी ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 164 (4)कहता है कि शपथ ग्रहण की तारीख से 6 महीने के भीतर मुख्यमंत्री को चुनाव लड़कर विधानसभा का सदस्य निर्वाचित होना अनिवार्य है लेकिन मदन कौशिक दो बातों को उलझाने का प्रयास कर रहे हैं।

चर्चा इस विषय पर नहीं हो रही है कि सरकार का कार्यकाल कितना रह गया ,चर्चा इस विषय पर है कि संविधान के लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 151(क)के अनुसार जो सीट रिक्त हुई है वह किस तारीख को हुई है और उसकी रिक्ति से लेकर सरकार के कार्यकाल तक 1 साल शेष रहता है या नहीं?? दसोनी ने कहा की मदन कौशिक जानबूझ पूरी डिबेट कर रुख दूसरी दिशा में मोड़ने का भरसक प्रयास कर रहे हैं।

दसोनी ने कहा कि मुख्यमंत्री के उपचुनाव को लेकर जिस तरह के कुतर्क मदन कौशिक दे रहे हैं उससे उनके संविधान को लेकर अल्प ज्ञान और बौद्धिक क्षमता का परिचय मिलता हैगरिमा दसोनी ने कहा की मदन कौशिक दिक्कत यह है कि वह अपनी सरकार और मुख्यमंत्री को बचाने के लिए अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं। गिनती 22 अप्रैल से ही शुरू होगी जिस दिन गोपाल सिंह रावत जी के निधन के बाद गंगोत्री की सीट खाली हुई थी। लेकिन भाजपा स्वयं को संविधान से भी ऊपर समझ रही है ,सभी नियमों को भी ताक पर रखने को तैयार है। 

भाजपा के राज में देश में जंगलराज चल रहा है। दसोनी ने मदन कौशिक को सलाह देते हुए कहा की अच्छा होगा यदि मदन कौशिक को ज्ञान नही है तो किसी संविधान विशेषज्ञ से राय लेने के बाद ही बयान बाजियां करें क्योंकि इस तरह के कुतर्क देने से वह अपना ही मखौल उड़वा रहे और पार्टी की किरकिरी करा रहे हैं। दसोनी ने कहा कि मदन कौशिक को ज़िद छोड़कर प्रदेश को राजनीतिक अस्थिरता की ओर धकेलने के लिए की प्रदेश की जनता से माफी मांगनी चाहिए।