साइकिल से पूरी की सतोपंथ तक 50 किमी की यात्रा, माणा से कन्याकुमारी तक भी कर चुके साइकिल से यात्रा

सतोपंथ के अति दुर्गम पैदल मार्ग पर साइकिल से यात्रा कर लौट पांडुकेश्वर निवासी सोमेश पंवार

साइकिल से पूरी की सतोपंथ तक 50 किमी की यात्रा, माणा से कन्याकुमारी तक भी कर चुके साइकिल से यात्रा

कहते है सर पर कुछ करने का जूनून सवार हो तो उसे पूरा किए बिना पीछे नहीं हट सकते है। वहीं इस जूनून को पूरा करने निकले पांडुकेश्वर निवासी सोमेश पंवार सतोपंथ के अति दुर्गम पैदल मार्ग पर साइकिल से यात्रा कर लौट आए हैं। उन्होंने बदरीनाथ से सतोपंथ तक 50 किमी की यात्रा पांच दिन में पूरी की। 

हालाकिं ऐसा पहली बार हुआ है की कोई व्यक्ति साइकिल से पांच दिन में 50 किमी का सफर तय करके पंहुचा हो। यु तो सोमेश का कहना है की वह इस तरह जोखिम उठाते रहते है और जब भी मौका मिलता है साइकिल से यात्रा की ओर चल देते है। फिलहाल गुरूवार पांच दिन की यात्रा करके सोमेश बद्रीनाथ लौटे है। 

पिछले साल उन्होंने माणा गांव से कन्याकुमारी तक 4035 किमी की यात्रा साइकिल से पूरी की थी। साथ ही वह पंच बदरी की यात्रा भी साइकिल से कर चुके हैं। बदरीनाथ से 25 किमी दूर सतोपंथ में प्राकृतिक झील के साथ ही हिमालय की सुंदरता श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करती है।  अपनी साइकिल यात्रा को लेकर सोमेश का कहना है की खतरनाक रास्ते, पहाड़ी ढलान, बड़े-बड़े बोल्डरों को पार करते हुए पहाड़ पर साइकिल चढ़ाना खतरनाक तो है, लेकिन साहसिक व रोमांचकारी भी है। पिछले साल उन्होंने माणा गांव से कन्याकुमारी तक 4035 किमी की यात्रा साइकिल से पूरी की थी।

सोमेश ने अपनी यात्रा के बारे में बताया बदरीनाथ से 25 किमी दूर सतोपंथ में प्राकृतिक झील के साथ ही हिमालय की सुंदरता श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करती है लेकिन इसकी चढ़ाई बहुत कठिन है लेकिन धीरे धीरे इस जगह पर ट्रैकर आने लगे है त्रिकोणीय आकार की सतोपंथ झील प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर है। 


सतोपंथ झील के बारे में माना जाता है कि इस झील के तीनों कोनों में भगवान ब्रह्मा, विष्णु और महेश ने तपस्या की थी। एकादशी के दिन त्रिदेव यहां स्नान करते हैं। इस दिन यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। पिछले साल उन्होंने माणा गांव से कन्याकुमारी तक 4035 किमी की यात्रा साइकिल से पूरी की थी।