किसाऊ परियोजना पर सीएम ने रखा राज्य का बेहतर पक्ष: महेंद्र भट्ट

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने किशाऊ बांध बहुद्देशीय परियोजना को राज्य हित में सस्ती बिजली, स्थानीय विकास व रोजगार वृद्धि के लिए बेहद जरूरी बताया है।

किसाऊ परियोजना पर सीएम ने रखा राज्य का बेहतर पक्ष: महेंद्र भट्ट

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने किशाऊ बांध बहुद्देशीय परियोजना को राज्य हित में सस्ती बिजली, स्थानीय विकास व रोजगार वृद्धि के लिए बेहद जरूरी बताया है। उन्होने केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र शेखावत की अध्यक्षता में हुई विभिन्न राज्यों की बैठक में इस राष्ट्रीय परियोजना को लेकर बेहतर ढंग से राज्य का पक्ष रखने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का धन्यवाद करते हुए उम्मीद जताई है कि संबन्धित क्षेत्र की दशों दिशा बदलने वाली यह योजना शीघ्र ही अस्तित्व में आएगी ।  


केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात में सीएम धामी का पुलिस आधुनिकीकरण व प्रदेश में आपदा से हुई क्षति के लिए केंद्र से सहयोग देने के लिए हुई चर्चा का स्वागत करते हुए बेहतर कानून व्यवस्था के लिए भी जरूरी बताया|


महेंद्र भट्ट ने अपने बयान में जानकारी दी कि किशाऊँ योजना न केवल उत्तराखंड के विकास में मील का पत्थर साबित होगी साथ ही यूपी, हरियाणा व राजस्थान के खेतों और दिल्लीवासियों की प्यास बुझाने का काम भी करेगी । उन्होने कहा, देहरादून में हिमाचल प्रदेश से सीमा खींचने वाली टोंस नदी पर प्रस्तावित यह बहूद्देशीय बांध परियोजना चकरौता-विकासनगर क्षेत्र की शक्लोसूरत बदलने वाली होगी । 


इस योजना का सीधा सीधा लाभ राज्य को लगभग 690 एमoयूo हरित विधुत ऊर्जा के रूप में मिलेगा, जिससे प्रदेशवासियों को सस्ती दर से बिजली उपलब्ध कराने में सरकार को सहायता होगी । उन्होने कहा, 236 मीटर ऊंचे एवं 680 मीटर लंबाई वाले एशिया के इस दूसरे बड़े बांध के निर्माण व संचालन से बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों के लिए प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप में रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे, इसके अतिरिक्त यहाँ सुविधाओं के विस्तार व बांध की झील आदि अनेकों माध्यमों से पर्यटकों की संख्या में रिकॉर्ड वृद्धि होना भी तय है |


प्रदेश अध्यक्ष भट्ट ने कहा, चूंकि परियोजना के निर्माण में देरी से 2018 में तय विधुत घटक लागत 1536.04 करोड़ के सापेक्ष नयी डीपीआर में वृद्धि होना तय है जिसको पूर्ववृति अनुबंध के तहत हिमाचल व उत्तराखंड को ही वहन करना था । लेकिन धामी सरकार ने जिस सजगता व कुशलता से केंद्रीय जल मंत्री के सामने राज्य का पक्ष रखते हुए नयी डीपीआर में होने वाली विधुत घटक वृद्धि को चार अन्य लाभार्थी राज्यों से वहन करने का अनुरोध किया है, उसका अगली बैठक में मंजूर होना तय है ।


उन्होने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के इस प्रयास की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह न केवल राज्य के राजस्व में बचतकारी होगा साथ ही जनता पर भी विधुत मूल्य के बोझ को कम करने में मददगार साबित होगा | इसके अतिरिक्त प्रदेश अध्यक्ष ने पुलिस महकमे में आधुनिकीकरण को भी बेहद जरूरी बताते हुए मुख्यमंत्री द्वारा इस विषय पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से विचार विमर्श को सरकार की सकारात्मक मंशा जाहिर करने वाला बताया।