चारधाम यात्रा: भगवान के दर्शन हुए महंगे, चारधाम यात्रा के लिए प्राइवेट टैक्सी हुई महंगी

लगातार बढ़ती महंगाई का पूरा असर चारधाम यात्रा पर देखने को मिल रहा है। यात्रियों को अब ठहरने और खाने के लिए परिवहन के साधनों से दो से तीन गुना अधिक खर्च करना पड़ रहा है।

चारधाम यात्रा: भगवान के दर्शन हुए महंगे, चारधाम यात्रा के लिए प्राइवेट टैक्सी हुई महंगी

लगातार बढ़ती महंगाई का पूरा असर चारधाम यात्रा पर देखने को मिल रहा है। यात्रियों को अब ठहरने और खाने के लिए परिवहन के साधनों से दो से तीन गुना अधिक खर्च करना पड़ रहा है। इसका असर ट्रैवल बिजनेस पर भी पड़ा है। पिछले साल की तुलना में महंगाई के चलते इस साल ट्रैवल बिजनेस सुस्त रहा है। निजी टैक्सी संचालकों ने किराए में 18 से 25 फीसदी की बढ़ोतरी की है। चारधाम यात्रा पिछले दो साल से कोरोना के कारण बंद थी। इस बार यात्रा शुरू होने पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु चारधाम की ओर रुख कर रहे हैं, लेकिन इस बार श्रद्धालुओं के लिए भगवान के दर्शन करना महंगा हो गया है। 

7500 हुआ किराया 

हल्द्वानी से केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री जाने वाले चार सीटर टैक्सी वाहन पहले 3800 रुपये प्रतिदिन चार्ज करते थे, जबकि इस बार इसे बढ़ाकर 4500 रुपये प्रतिदिन कर दिया गया है। इसी तरह, सात सीटर टैक्सी वाहनों का किराया 6,000 रुपये प्रति दिन से बढ़ाकर 7500 रुपये कर दिया गया है। हल्द्वानी से चारों धामों तक एक साथ यात्रा करने में 10 दिन लगते हैं। अगर किसी परिवार को चार सीटर टैक्सी वाहन से चार धाम यात्रा के लिए यात्रा करनी पड़ती है, तो इसके लिए 45 हजार रुपये खर्च होंगे। वहीं सात सीटर टैक्सी से सफर करने पर 75 हजार रुपये देने होंगे। हल्द्वानी से केदारनाथ की यात्रा में चार दिन, बद्रीनाथ से तीन दिन, गंगोत्री से छह दिन और यमुनोत्री की यात्रा में पांच दिन लगते हैं। 

पेट्रोल के दामों में हुआ है इजाफा 

यात्रियों को प्रतिदिन टैक्सी ऑपरेटरों को भुगतान करना पड़ता है। टैक्सी संचालक दीपक चंद्रा का कहना है कि पेट्रोल के दाम में 30 रुपये का इजाफा हुआ है. इसके साथ ही वाहनों के रखरखाव का खर्च भी बढ़ गया है। इससे चारधाम यात्रा का सफर पिछली बार के मुकाबले महंगा हो गया है। टैक्सी ट्रेवल्स एसोसिएशन नैनीताल के नीरज जोशी का कहना है की चारधाम जाने वाले ज्यादातर यात्री देहरादून और हरिद्वार से जाते हैं। कुमाऊं से बहुत कम यात्री मिलते हैं। पिछले साल तक चारधाम के लिए छोटी कार का किराया 4500 रुपये प्रति दिन और बड़ी कार का किराया 8,000 रुपये प्रति दिन था। 

कम दामों में मिल जाते थे होटल्स 

इस बार छोटी कार का किराया पांच हजार रुपए और बड़ी कार का किराया दस से बारह हजार रुपए प्रतिदिन चल रहा है। वही अन्य ट्रेवल्स एसोसिएशन ने बताया की पहले यहाँ होटल्स काफी कम दामों में मिल जाते थे लेकिन अब बढ़ते श्रद्धालुओं के चलते होटल्स के कमरों का रेट पांच से छः हजार तक पहुँच गया है। वही खाने-पीने से लेकर ट्रंसपोर्ट तक अत्यधिक महंगा हो चूका है।