चमोली: नीति बार्डर हाईवे पहाड़ी से आए भारी बोल्डरों के कारण हुआ बंद, सड़क मार्ग पूरी तरह से हुए बंद

नीति बार्डर हाईवे पहाडी से आए भारी बोल्डरों के कारण बंद हो गया है जिसे खुलने में अभी कुछ दिनों का समय लग सकता है

चमोली: नीति बार्डर हाईवे पहाड़ी से आए भारी बोल्डरों के कारण हुआ बंद, सड़क मार्ग पूरी तरह से हुए बंद

नीति बार्डर हाईवे पहाडी से आए भारी बोल्डरों के कारण बंद हो गया है जिसे खुलने में अभी कुछ दिनों का समय लग सकता है। बार्डर सडक बंद होने के कारण जहां सरहद पर बसे दर्जनों गांवों की आवाजाही बंद हो गई है। तो वहीं आईटीबीपी और सेना की छावनियों में रसद सामाग्रियो का पहुंचाया जाना भी ठप हो गया है। जोशीमठ नगर से 39 किमी आगे तमक मरखुडा में पहाडी का बडा हिस्सा टूटकर नीचे आ गिरा जिस कारण से यहां पर सड़क पूरी तरह से बंद हो गई है। 

वही अब मार्ग खुलने में कुछ दिनों का समय लग सकता है जिस कारण से पूरा बार्डर एरिया मुख्य धारा से कट गया है। तमक मरखुडा में पिछले 10 दिनों से बार्डर हाईवे में पहाडी से भारी बोल्डर एवं मलवा आने का सिलसिला जारी है, जिस कारण से यहां पर हर रोज सड़क मार्ग बाधित हो रही है। वहीं 13 अगस्त के दोपहर बाद से अभी तक यहां पे सडक सुचारू नही हो सकती है। बीआरओ की मशीनें पिछले दो दिनोें से सड़क में आए बोल्डर एंव मलवे को हटा ही रही थी कि अचानक मरखुडा में पहाडी का बहुत बडा भाग टूटकर सडक में आ गया जिसे तोडने में अब कुछ दिनों का समय लग सकता है। तब तक बार्डर ऐरिया व यहां पर बसे दर्जन भर गांवों की आवागमन फिलहाल ठप हो गई है । 

सूकी भलागांव के प्रधान लक्ष्मण बुटोला का कहना है  कि मरखुडा में पहाडी का 50 मीटर से अधिक का भाग टूटकर बार्डर हाईवे  मै आ गिरा है। कहा यहां पर खडी चट्टाने पिछले कुछ दिनों से दरक रही हैं। व जो बडा भाग टूटा है उसे मशीनों से तोडकर हटाने में काफी दिन लग सकते हैं । सडक बंद होने से सरहद पर बसे गांवों के आवागमन बंद हो गया है. यदि ऐसे में यदि कोई ग्रामीण बिमार होता है या कुछ दुर्घटना होती है तो और मुश्किलें पैदा हो सकती है।

तमक मरखुडा में पहाडी टूटने से तमक, जुमा,कागा, गरपक, द्रोणागिरी, कैलाशपुर,जेलम, मलारी, कोषा, नीति, मैहरगांव, गमशाली, बाम्पा, आदि गांवों की आवाजाही पूरी तरह से ठप हो गई है। ग्राम प्रधान लक्ष्मण बुटोला कहते हैं कि इन गांवों में बिजली एवं दूरसंचार भी पूरी तरह से बाधि हो गया है। वहीं सेना और आईटीबीपी की मलारी, गमशाली, रिमखिम आदि क्षेत्रों में सुविधा एवं सामाग्री पहुंचान में भी बाधा उत्पन्न हो गई है।

वहीं बीआरओ के कमाण्डर मनीष कपिल का कहना है कि तमक मरखुडा में पिछले काफी दिनों से पहाडी टूट रही है। बताया कि पहाडी से नीचे आएं बोल्डरों को हटाने के लिए उन्होंने यहां पर 2 मशीन एवं 25 मजूदर समेत टैक्नीकल स्टाफ लगाएं गए हैं। लेकिन सोमवार को पहाडी का एक बडा हिस्सा टूट गया है , जिसे तोडकर हटाने में कुछ दिन का समय लग सकता है।