केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को दी जानकारी,सशस्त्र बलों ने एनडीए में महिलाओं को शामिल करने का किया फैसला

सशस्त्र बलों ने महिलाओं को राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) में शामिल करने का फैसला किया है, केंद्र ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया

केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को दी जानकारी,सशस्त्र बलों ने एनडीए में महिलाओं को शामिल करने का किया फैसला

सशस्त्र बलों ने महिलाओं को राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) में शामिल करने का फैसला किया है, केंद्र ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया। केंद्र की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने न्यायमूर्ति एस के कौल की अध्यक्षता वाली पीठ को बताया कि सशस्त्र बलों के उच्चतम स्तर पर निर्णय लिया गया है कि महिलाओं को एनडीए के माध्यम से स्थायी कमीशन (permanent commission) के लिए शामिल किया जाएगा।


बुनियादी ढांचे में बदलाव की जरूरत

भाटी ने इस साल की परीक्षाओं में यथास्थिति बनाए रखने की मांग की क्योंकि इसके लिए प्रक्रिया और बुनियादी ढांचे में बदलाव की जरूरत है। विचार यह है कि जब कुछ नहीं होता है, तो अदालत कदम उठाती है। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि इसमें कदम रखना सुखद स्थिति नहीं है और हम चाहेंगे कि सशस्त्र सेवाएं इसे स्वयं करें। वे देश की बहुत सम्मानित ताकतें हैं लेकिन लैंगिक समानता पर वे और अधिक करना होगा," पीठ ने कहा, जिसमें न्यायमूर्ति एमएम सुंदरेश भी शामिल हैं।

दो सप्ताह के बाद होगी सुनवाई 

भाटी ने कहा है मुझे खुशी है कि सशस्त्र बलों के प्रमुखों ने सकारात्मक निर्णय लिया है। रिकॉर्ड में रखिए, हम मामले को उठाएंगे।  शीर्ष अदालत ने यह भी कहा कि हम इस बात से अवगत हैं कि इस तरह के सुधार एक दिन में नहीं हो सकते हैं, और अब दो सप्ताह के बाद मामले की सुनवाई करेंगे। अदालत अधिवक्ता कुश कालरा द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें पात्र और इच्छुक महिला उम्मीदवारों को पूरी तरह से लिंग के आधार पर एनडीए में शामिल होने से बाहर करने का मुद्दा उठाया गया था, जो कथित तौर पर समानता के मौलिक अधिकार का उल्लंघन है।