सावधान: आखिर क्यों आ रही है आर्थिक मंदी में तेज़ी, क्या निपट पाएगा इससे भारत

क्या मोदी इस गहरे संकट से देश को उभार पाएंगे। तो चलिए इस रिपोर्ट के जरिये हम आपको बताते है क्यों आर्थिक मंदी में तेज़ी आ रही है क्या भारत इससे निपट पाएगा

सावधान: आखिर क्यों आ रही है आर्थिक मंदी में तेज़ी, क्या निपट पाएगा इससे भारत
कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि पेट्रोल और डीजल खत्म हो रहा है भारत ही नही दुनिया मे आर्थिक संकट आने बात की जा रही है अमेरिका जर्मनी ब्रिटेन जैसे देशों की भी कमर टूट रही है ऐसे में डॉलर के मुकाबले रुपये का कम होना इस बात की जांच कर रहा है कि भारत पर एक और गहरा संकट गहरा रहा है साथ ही यह सवाल उठ रहा है की क्या मोदी इस गहरे संकट से देश को उभार पाएंगे। तो चलिए इस रिपोर्ट के जरिये हम आपको बताते है क्यों आर्थिक मंदी में तेज़ी आ रही है क्या भारत इससे निपट पाएगा।

क्या है आर्थिक मंदी 

बता आर्थिक मंदी तब आती है जब किसी देश की अर्थव्यवस्था लगातार दो तिमाही में नेगेटिव रहती है। जैसे अभी ब्रिटेन में लगातार दो महीने से GDP ग्रोथ रेट मायनस में बनी हुई है। अब आर्थिक मंदी के आने से क्या होता है? जब मंदी आती है, तो आर्थिक तरक्की रुक जाती है लोगों के पास पैसा खत्म होने लगता है। लोगों की सैलरी बढ़ना बन्द हो जाती है। नई नौकरियां और नए कारोबार खोलने मुश्किल हो जाता है। बैंक लोन महंगे हो जाते हैं. जो छोटी कम्पनियां हैं, वो घाटे में जाने की वजह से बन्द हो जाती हैं और बेरोजगारी बढ़ने लगती है। मंदी केवल एक देश को प्रभावित नहीं करती, बल्कि ये सभी देशों पर असर डालती है। 2008 में दुनिया में आर्थिक मंदी आई थी, तब इसकी वजह से डेढ़ करोड़ लोगों की नौकरियां चली गई थीं। हालांकि इसका असर भारत मे कम देखने को मिला था। अगर अब जीडीपी 10 फिसिद और गिर जाती है तो यह महामंदी दौर शुरु हो जाएगा। 

क्या है पेट्रोल और डीजल ख़त्म होने की सच्चाई 

आइए अब हम आपको पेट्रोल-डीजल की किल्लत की खबरों से भी रूबरू कराते हैं। श्रीलंका की तरह भारत भी एक ऐसी स्थिति की ओर बढ़ रहा है जहां पेट्रोल और डीजल की किल्लत हो गई है, यह सवाल इसलिए पूछा जा रहा है क्योंकि पिछले दो दिनों से यह पूर्वी उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और कुछ इलाकों से आ रहा है. दक्षिण भारत की। खबर आई कि इन इलाकों में पेट्रोल-डीजल पेट्रोल पंपों पर उपलब्ध नहीं है। कहा जा रहा है कि इन इलाकों के पेट्रोल पंपों में पेट्रोल खत्म हो गया है। 

पेट्रोल कंपनियों को पेट्रोल के दाम बढ़ाने की इजाजत नहीं मिल रही है, पेट्रोल बेचने में घाटा हो रहा है, इसलिए सप्लाई कम कर घाटा कम किया जा रहा है. क्या यह सोशल मीडिया पर चल रही अफवाह है, या इस खबर के पीछे कुछ सच्चाई है। कुछ हिस्सों में तेल की आपूर्ति में समस्या है। तेल की कीमत चुकाने के बाद भी कंपनियां समय पर इसकी आपूर्ति नहीं कर रही हैं। इस समस्या से सरकार को अवगत करा दिया गया है। हालांकि ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन तेल भंडारों में पर्याप्त मात्रा में तेल मौजूद है।