रुड़की में एक चर्च में तोड़फोड़ कर सांप्रदायिक हिंसा भड़काने पर 200 लोगों के खिलाफ मुकदमा हुआ दर्ज

उत्तराखंड पुलिस ने रुड़की में एक चर्च में कथित रूप से तोड़फोड़ करने के आरोप में 200 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है

रुड़की में एक चर्च में तोड़फोड़ कर सांप्रदायिक हिंसा भड़काने पर 200 लोगों के खिलाफ मुकदमा हुआ दर्ज

उत्तराखंड पुलिस ने रुड़की में एक चर्च में कथित रूप से तोड़फोड़ करने के आरोप में 200 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है, जबकि वहां रविवार की नमाज चल रही थी, और इसे चलाने वाले लोगों पर स्थानीय लोगों को अपने धर्म में बदलने का आरोप लगाया। आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दंगा, चोरी, हिंसा फैलाने और स्वेच्छा से चोट पहुंचाने का मामला दर्ज किया गया है। 

महिलाओं के भीड़ पहुंची थी प्रदर्शन करने 

घटना रुड़की के सोलानीपुरम कॉलोनी में हुई जहां चर्च स्थित है। नमाज अदा कर रहे लोगों के मुताबिक, सुबह करीब 10 बजे कुछ महिलाओं की भीड़ चर्च के मिशनरियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रार्थना कक्ष में पहुंची। सर्कल अधिकारी रुड़की विवेक कुमार ने कहा प्रारंभिक जांच के बाद 200 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। एक निरीक्षक रैंक के अधिकारी को मामले को देखने के लिए निर्देशित किया गया है।

सुचना मिलते ही पहुंच गई थी पुलिस 

कुमार ने कहा कि पुलिस ने सिविल लाइंस पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दंगा, चोरी, अतिचार और स्वेच्छा से चोट पहुंचाने का मामला दर्ज किया है। थाना प्रभारी सिविल लाइंस अमरचंद शर्मा ने बताया कि हिंसा की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। उन्होंने कहा कि जगह-जगह पुलिस की तैनाती की गई है और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी प्रार्थना गृह का दौरा कर रहे हैं।

धर्म परिवर्तन से किया इंकार 

पिछले कुछ वर्षों से चर्च से जुड़े एन विल्सन ने धर्म परिवर्तन या पूजा स्थल पर होने वाली ऐसी किसी भी गतिविधि के आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि पिछले दो दशकों से चर्च की ओर से नियमित प्रार्थनाएं, सामूहिक सभाएं और दान संबंधी गतिविधियां की जा रही हैं। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मदन कौशिक ने कहा कि प्रदेश में धर्म परिवर्तन की अनुमति नहीं दी जाएगी। 

ईसाइयों निशाना बनाने पर की निंदा 

कौशिक ने प्रार्थना घर को समाज के कुछ वर्गों द्वारा चर्च कहे जाने पर भी सवाल उठाया। उन्होंने दावा किया कि यह एक चर्च नहीं बल्कि एक निवास है जहां संदिग्ध सभाएं आयोजित की जा रही थीं। कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप ने राज्य में विधानसभा चुनाव से पहले सांप्रदायिक तनाव को बढ़ावा देने के लिए भाजपा पर आरोप लगाते हुए दक्षिणपंथी हिंदू कार्यकर्ताओं द्वारा गुंडागर्दी और ईसाइयों को निशाना बनाने की निंदा की।