बुध दादी रेस्टोरेंट में फ़ास्ट फ़ूड को टक्कर दे रहे है, गढ़वाली व्यंजन ढुंगला, ढिंडका, गिनली, जावली

आजकल युवाओं का रुझान फास्ट फूड और स्ट्रीट फूड की ओर बढ़ गया है। लेकिन, अब गढ़वाली व्यंजन भी इसे टक्कर देने लगे हैं

बुध दादी रेस्टोरेंट में फ़ास्ट फ़ूड को टक्कर दे रहे है, गढ़वाली व्यंजन ढुंगला, ढिंडका, गिनली, जावली

आजकल युवाओं का रुझान फास्ट फूड और स्ट्रीट फूड की ओर बढ़ गया है। लेकिन, अब गढ़वाली व्यंजन भी इसे टक्कर देने लगे हैं और चकबंदी आंदोलन को गति देने वाले कपिल डोभाल इस काम में लगे हैं। कपिला ने नए और शुद्ध जैविक उत्पाद के रूप में गढ़वाली व्यंजन परोसने के लिए मोमो, चाउमीन, थुप्पा जैसे फास्ट फूड से ब्रेक लिया है। अपने व्यंजनों के बारे में कपिल डोभाल ने कहा कि उनकी पत्नी दीपिका डोभाल ने हमारे गायब हो रहे व्यंजनों को नए तरीके से परोसने की कोशिश की है। 

उमेश शर्मा काऊ ने बताया सुंदर पहल 

हरिद्वार रोड स्थित जोगीवाला में बने उनके रेस्टोरेंट बुध दादी का उद्घाटन विधायक उमेश शर्मा कौ और आंदोलनकारी सुशीला बलूनी ने बतौर मुख्य अतिथि किया। विधायक उमेश शर्मा काऊ ने कहा कि वर्तमान समय की मांग को देखते हुए यह एक बहुत ही सुंदर पहल है। कपिल डोभाल और उनकी पत्नी गढ़वाली के व्यंजनों को नए अंदाज में पेश कर स्ट्रीट फूड की तरफ एक नया ट्रेंड बना रहे हैं। राज्य आंदोलनकारी सुशीला बलूनी ने कहा कि यह पहला और अनूठा प्रयोग है। 

यह है व्यजनों की वैराइटी 

इससे राज्य के खाद्य उत्पादकों के बीच भी रुझान बढ़ेगा। वहीं समाजसेवी उदित घिल्डियाल ने कहा कि जैविक उत्पादों से बना स्ट्रीट फूड स्वास्थ्य के मामले में भी फास्ट फूड में सबसे ऊपर है। कार्यक्रम में विनोद कुमार धस्माना, रोहित नेगी, रितु सजवान आदि मौजूद थे। ढुंगला, ढिंडका, गिनली, जावली, घिंजा, सिदकू, बेदू रोटी, सोना आलू, करकारा पैतूर, द्युदा, बादलपुर की बिरंजी, बादिल, ल्यातू, पटुरी, तप्तपी चा, एपिथलू, चर्चरी-बरबारी चटनी, बरनाजा खाजा और चुनाली, घुमका मुंगरेदी आदि यहाँ परोसा गया है।