ब्राह्मणों को रिझाने के प्रयास में ख़ुशी दुबे की रिहाई करवाएगी बसपा

बहुजन समाज पार्टी एक बार सत्ता में वापसी करने के कयावाद में जूट गई है

ब्राह्मणों को रिझाने के प्रयास में ख़ुशी दुबे की रिहाई करवाएगी बसपा

बहुजन समाज पार्टी एक बार फिर सत्ता में वापसी करने के कयावाद में जूट गई है। बसपा ब्राह्मणों की तरफ आगे बढ़ती हुई ब्राह्मणों को रिझाने का प्रयास करती नजर आ रही है। बता दे की अयोध्या में होने वाले ब्राह्मण सम्मेलन के जरिए बसपा पूरी कोशिश के साथ आगे बढ़ रही है।  

वहीं ब्राह्मण सम्मेलन से पहले पार्टी नेता और पूर्व मंत्री नकुल दुबे ने एलान किया कि बिकरू कांड में आरोपी बनाई गई खुशी दुबे की रिहाई की लड़ाई बसपा लड़ेगी। खुशी कुख्यात विकास दुबे के भतीजे अमर की पत्नी है। बिकरू कांड के बाद पुलिस मुठभेड़ में दोनों ढेर कर दिए गए थे।

एक मीडिया रिपोर्ट ले मुताबिक मायावती के 'मिशन ब्राह्मण' के तहत, बहुजन समाज पार्टी विकास दुबे के भतीज अमर दुबे की नाबालिग विधवा को जमानत दिलवाने को कानूनी लड़ाई लड़ने का मन बना चुकी है। पिछले शुक्रवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कानपुर के बिकरू कांड के बाद मुठभेड़ में मारे गए अमर दुबे की पत्नी को जमानत देने से  इनकार कर दिया।

ख़ुशी दुबे की जिस वक़्त अमर दुबे से शादी हुई थी उस वक़्त ख़ुशी नाबालिक थी वो महज सोलह साल की थी। न्यायमूर्ति जेजे मुनीर ने अमर दुबे की पत्नी खुशी द्वारा दाखिल पुनरीक्षण याचिका खारिज कर दी। यह याचिका निचली अदालत द्वारा जमानत की अर्जी खारिज किए जाने के खिलाफ दाखिल की गई थी