52 दिन से बंद पड़ी टिहरी की झीलों पर चल पड़ी बोट, जाने प्रति सवारी कितना है किराया

लंबे समय बाद टिहरी में बंद पड़ी झीलों में बोटिंग चलने को लेकर दिखी हरी झंडी

52 दिन से बंद पड़ी टिहरी की झीलों पर चल पड़ी बोट, जाने प्रति सवारी कितना है किराया

पिछले एक साल से अपने घरों में बैठी जनता को अब घूमने फिरने की हरी झंडी दिखा दी गई है। वीरान पड़े परवर्तीय क्षेत्र पर्यटकों से गुलजार हो गए है। लंबे समय बाद घर से निकलते ही पर्यटकों के कदम रुकने को तैयार नहीं है। पर्यटक पहाड़ों की वादियों का जमकर बारिश में भी लुफ्त उठा रहे थे। इसी के साथ आज मंगलवार को 52 दिन से वीरान पड़ी टिहरी झील में बोटिंग की गतिविधिया शुरू हो चुकी है। वहीं पर्यटक लंबे समय बाद झील में बोटिंग करते नजर आए। लेकिन छूट मिलने के बाद पर्यटकों को अभी भी कोविड नियम के अंतरगर्त ही रहने को कहा गया है साथ ही पर्यटकों को 72 घंटे नेगेटिव आरटीपीसीआर की रिपोर्ट अनिवार्य रूप से लाना है। 

प्रशासन की गाइड लाइन के अनुसार आज केवल बोटिंग ही नहीं स्पीड बोट, पॉवर बोट, जेड अटैक, जेड स्की, डॉलफिन राइड, हॉटडाग, फ्लाई, बनाना राइडिंग, वाटर स्कूटर के अलावा झील में पैरा सिलिंग जैसी वाटर एक्टिविटी होती है जिसका लुफ्त अब पर्यटक उठा सकते है। इसी के साथ झील के माध्यम से व्यवसाय करने वाले कारोबारियों ने पर्यटकों देखते हुए रहत की सांस ली है। हालाकिं  विकास प्राधिकरण की सीईओ इवा आशीष श्रीवास्तव का आदेश है की बोटिंग के पहले पर्यटकों की थर्मल स्कैनिंग करें साथ ही बोट को सेनेटाइज़ भी करते रहे। 

गंगा-भागीरथी बोट यूनियन के अध्यक्ष लखवीर चौहान ने बताया कि गाइड लाइन के अनुसार फिलहाल झील में स्पीड और सामान्य तरह की बोटें ही संचालित की जाएगी। बताया कि पूर्व की भांति यात्रियों से सामान्य बोट का प्रति सवारी 300 रुपये और स्पीड बोट का 500 रुपये किराया लिया जाएगा।