मंदिर दर्शन को लेकर बीजेपी सांसद ने जमकर किया हंगमा, सांसद के खिलाफ दर्ज हुई FIR

दर्शन ना मिलने से अभद्रता पर उतरे बीजेपी सांसद धर्मेंद्र कश्यप मंदिर परिसर में जमकर हुआ हंगामा

मंदिर दर्शन को लेकर बीजेपी सांसद ने जमकर किया हंगमा, सांसद के खिलाफ दर्ज हुई FIR

कोरोना के चलते सभी धार्मिक स्थलों में प्रोटोकॉल के हिसाब से दर्शन करने की अनुमति दी गई है। वही प्रोटोकॉल के अनुसार ही ही धार्मिक स्थलों समय के साथ खोले जा रहे तथा बंद कीए जा रहे है। मामला अल्मोड़ा के जागेश्वर धाम की जहां तय समय के बावजूद जब दर्शन करने पहुंचे भाजपा सांसद धर्मेंद्र कश्यप व अन्य उनके साथी दर्शन करने पहुंचे थे। जब मंदिर के पुजारियों ने कोरोना प्रोटोकॉल नियमों का हवाला देते हुए भाजपा सांसद व उनके साथियों को रोका तो धर्मेंद्र कश्यप पुजारियों के साथ गाली गलोज पर उतर आए साथ ही जमकर बवाल काटा। इसको लेकर अब बरेली के आंवला सीट से बीजेपी के सांसद धर्मेंद्र कश्यप के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। 

शांति भंग करने का लगा है आरोप 

भाजपा सांसद के खिलाफ दर्ज एफआईआर में शांति भंग करने और सरकारी सेवकों के काम में बाधा पहुंचाने का आरोप लगा है। अल्मोड़ा की एसडीएम मोनिका के मुताबिक भाजपा सांसद और उनके समर्थकों के खिलाफ पुलिस ने आईपीसी की धारा 188 और 504 के तहत शिकायत दर्ज की है। बता दें कि जागेश्वर धाम में देर से पहुंचने के बाद जब पुजारियों और मंदिर की प्रबंध समिति के सदस्यों ने सांसद व उनके समर्थकों को दर्शन करने से रोका, उस पर धर्मेंद्र कश्यप भड़क गए थे. उन्होंने मंदिर परिसर में ही पुजारियों और अन्य लोगों के साथ अभद्रता की। 

बीजेपी सांसद के खिलाफ FIR दर्ज की गई

धाम में हंगमा करने के बाद लौटे उधर मामले की खबर लगते ही विपक्ष दल मुखर उठे। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के स्थानीय नेताओं ने इस मामले में सांसद पर कार्रवाई की मांग की है। बीजेपी सांसद के हंगामे की खबर मिलने के बाद मंदिर पर पहुंचे जागेश्वर विधायक गोविंद सिंह कुंजवाल और समर्थकों ने मंदिर में हंगामा करने को लेकर सांसद के खिलाफ धरना भी दिया।

विधायक कुंजवाल ने कहा कि बीजेपी सांसद मंदिर में पूजा-अर्चना की जगह मारपीट करने और पुजारियों को गाली देने आए थे। उन्होंने कहा कि अगर आरोपी सांसद के खिलाफ कार्रवाई न हुई तो कांग्रेस जोरदार आंदोलन करेगी. वहीं, आम आदमी पार्टी के नेताओं ने भी सांसद धर्मेंद्र कश्यप का पुतला जलाकर प्रदर्शन किया. आप ने आरोप लगाया कि उत्तराखंड की संस्कृति को बिगाड़ने के लिए सांसद ने इस तरह का काम किया है।