मामला वापस न लेने पर प्रयागराज में उत्तराखंड के खिलाफ फूंकेगा बिगुल

प्रयागराज में होने वाले माघ मेले में पहुंचे संतों ने हरिद्वार धर्म संसद मामले में संतों के खिलाफ मामला दर्ज होने पर उत्तराखंड सरकार को चेतावनी दी है

मामला वापस न लेने पर प्रयागराज में उत्तराखंड के खिलाफ फूंकेगा बिगुल

प्रयागराज में होने वाले माघ मेले में पहुंचे संतों ने हरिद्वार धर्म संसद मामले में संतों के खिलाफ मामला दर्ज होने पर उत्तराखंड सरकार को चेतावनी दी है। संतों ने प्रयागराज से एक वीडियो जारी कर कहा कि दर्ज मामले वापस नहीं लिए गए तो प्रयागराज की धरती से उत्तराखंड सरकार के खिलाफ आंदोलन की बिगुल फूंक दी जाएगी। प्रयागराज माघ मेले में पहुंचे भैरव बाबा ने वीडियो में कहा कि 16 जनवरी को प्रयाग में दस हजार संत और महंत उत्तराखंड सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे। 


उत्तराखंड सरकार ने संतों को डांटा 

प्रशासन ने कहा कि मामले वापस लिए जाएं। उन्होंने कहा कि प्रयागराज में किसी को भी नहाने की इजाजत नहीं होगी। वहीं रसिक पीठाधीश्वर महंत जनमेजय शरण ने कहा कि उत्तराखंड सरकार ने संतों को डांटा है।  उन्होंने कहा कि संतों के खिलाफ मामला दर्ज करना सरकार को महंगा पड़ेगा. सभी धर्माचार्य उत्तराखंड सरकार के इस कृत्य की कड़ी निंदा करते हैं। शुक्रवार को प्रथम पुण्य की डुबकी के साथ ही संगम पर माह भर चलने वाला नामजप व ध्यान मेला शुरू हो जाएगा। 15 जनवरी को मकर संक्रांति होने के कारण इस बार डुबकी लगाने में दो दिन लगेंगे। 


कड़ाके की ठण्ड में साधु संत लगाएंगे डूबकी 

कड़ाके की ठंड के बीच मकर संक्रांति के स्नान के लिए देश के कोने-कोने से साधु-संतों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है। हालाकिं मान्यता के अनुसार मन, वचन और कर्म से जाने-अनजाने तीनों प्रकार के पापों से मुक्त होने के लिए ध्यान और स्नान का एक महीने तक चलने वाला मेला तीन नदियों के संगम तट प्रयागराज में लगता है। जहाँ श्रद्धालु और साधु संत इस पवित्र नदी में डूबकी लगाने के बाद सभी पापों से मुक्ति प्राप्त करते है। अब सभी को सूर्य के उत्तरायण का इंतजार है। 


प्रोटोकॉल के तहत लगेगी डूबकी 

गंगा, यमुना और विलुप्त सरस्वती के तट पर भगवान सूर्य के उत्तरायण पहुंचते ही पहले स्नान पर्व की डुबकी लगनी शुरू हो जाएगी। मेला प्रशासन ने कोविड प्रोटोकॉल के बीच स्नान की तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। मेले के सभी 16 प्रवेश द्वारों और पार्किंग स्थलों पर थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा हर सेक्टर में 12 सर्विलांस टीमें तैनात की गई हैं, जो मेले में आने वाले श्रद्धालुओं का आरटीपीसीआर टेस्ट करेंगी। इसके अलावा कोविड-19 के टीकाकरण और सैंपलिंग के लिए छह केंद्र भी बनाए गए हैं।