25 दिन में बलजीत कौर ने फतह की माउंट एवेरेस्ट की चोटी, भारत की बनी पहली पर्वतारोही महिला

बलजीत कौर एक महीने से भी कम समय में 8,000 मीटर की ऊंचाई वाली चार पर्वत चोटियों को फतह करने वाली पहली भारतीय पर्वतारोही बन गई हैं

25 दिन में बलजीत कौर ने फतह की माउंट एवेरेस्ट की चोटी, भारत की बनी पहली पर्वतारोही महिला
दुनिया के चौथे सबसे ऊंचे पर्वत माउंट ल्होत्से पर सफलतापूर्वक चढ़ाई करने के बाद, बलजीत कौर एक महीने से भी कम समय में 8,000 मीटर की ऊंचाई वाली चार पर्वत चोटियों को फतह करने वाली पहली भारतीय पर्वतारोही बन गई हैं। हिमाचल प्रदेश की 27 वर्षीय बलजीत कौर में मात्र पच्चीस दिन में दुनिया की सबसे ऊंची पर्वत चोटी फतह की है। हालाकिं की बलजीत कौर अभी बेस कैंप में पहुंची है अगले माह तक बलजीत अपने घर पहुँच जाएंगी। आपको बता दें, साल 2016 में बलजीत कौर भी माउंट एवरेस्ट मिशन में शामिल हुई थीं, लेकिन बलजीत को ऑक्सीजन मास्क खराब होने के कारण वापस लौटना पड़ा था। 

उस दौरान 8848.86 मीटर ऊंचे माउंट एवरेस्ट को पूरा करने के लिए केवल 300 मीटर ही बचा था, लेकिन बलजीत कौर ने फिर भी हिम्मत नहीं हारी। खबर फैलते ही बलजीत की मां शांति देवी भावुक हो गईं। हिमाचल के सोलन जिले की कंधाघाट तहसील में अपने गांव पंजरोल से द इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए शांति देवी ने कहा की मेरी बेटी ने जो काम कर दिखाया है उससे हमारा सर ऊंचा कर दिया है। हालाँकि, यह खबर शांति देवी के लिए पूरी तरह से आश्चर्यचकित करने वाली नहीं थी, क्यूंकि शांति देवी हमेशा अपनी बेटी को इस सपने के साथ जीते हुए देखा है की एक दिन दुनिया की सबसे ऊंची चोटी फतह करेगी। 

शांति देवी ने याद किया की बलजीत जब छोटी थी तो हमेशा पहाड़ों की तरह मोहित रहती थी और हमेशा पहाड़ों पर चढ़ाई करती रहती थी। बलजीत के तीन भाई बहन है बलजीत हमेशा अपनी माँ के साथ खेतों के कामों में हाथ बटाती थी। बलजीत कौर के पिता अमरीक सिंह हिमाचल प्रदेश परिवाहन के बस ड्राइवर है। बलजीत अपनी मां की मदद करने के अलावा, पड़ोसी गांव ममलिघ में सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में बच्चों को पढ़ाने में मदद करती है। 


एनसीसी में रहते हुए किया था पहले प्रयास 

स्कूल में ही उन्होंने राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) में अपना नामांकन कराया। एक एनसीसी कैंप के दौरान, बलजीत ने पर्वतारोहण के साथ अपना पहला प्रयास किया था। 20 साल की उम्र में, उन्हें माउंट देव टिब्बा के एनसीसी अभियान के लिए चुना गया था, इसके बाद 10 एनसीसी पर्वतारोहियों की एक टीम ने 7,120 मीटर ऊंचे माउंट त्रिशूल के अभियान के लिए चुना था। 2015 में खराब मौसम के कारण चढ़ाई को रोकना पड़ा, इससे पहले टीम 6,350 मीटर की ऊंचाई तक पहुंच गई थी। बेलज्जीत कौर एक साल तक माउंट एवरेस्ट पर एनसीसी अभियान का हिस्सा थी। पिछले एक साल में बलजीत ने नेपाल-तिब्बत सीमा के पास 7,161 मीटर ऊंचे माउंट पुमोरी को फतह करते हुए राजस्थान की गुनबाला शर्मा के साथ यह उपलब्धि हासिल करने वाली पहली भारतीय महिला पर्वतारोही बन गई थी। इसके बाद बलजीत कौर  8,167 मीटर ऊंचे माउंट धौलागिरी पर सफलतापूर्वक चढ़ाई करने वाली पहली भारतीय महिला पर्वतारोही बनीं थी। 


22 मई को किया था माउंट एवरेस्ट पर फतह 

*28 अप्रैल माउंट अन्नपूर्णा (8,091 मीटर
*12 मई माउंट कंचनजंगा (8,586 मीटर और माउंट ल्होत्से समेत चार 8,000-मीटर चोटियों को फतह करने वाली एकमात्र भारतीय महिला पर्वतारोही बन गई है। उन्होंने पुणे पर्वतारोही प्रियंका मोहिते के पांच 8,000 मीटर के पहाड़ों पर चढ़ने के रिकॉर्ड की भी बराबरी की।