सावधान ! कहीं आप भी न हो जाए पकड़ौआ शादी के शिकार

अगर आप भी है शादी करने के इच्छुक तो सावधान हो जाइये कही ऐसा न हो की आप भी "पकड़ौआ"  शादी के शिकार हो जाये।जी हा आप ने एकदम सही पढ़ा पकड़ौआ शादी

सावधान ! कहीं आप भी न हो जाए पकड़ौआ शादी के शिकार

अगर आप भी है शादी करने के इच्छुक तो सावधान हो जाइये कही ऐसा न हो की आप भी "पकड़ौआ"  शादी के शिकार हो जाये।जी हा आप ने एकदम सही पढ़ा पकड़ौआ शादी, इस शादी का चलन अब चल चूका है, अगर आप एक बार इस मामले में फस गए तो आप इससे बहार नहीं आकहीं  पायेंगे।

क्या है पकड़ौआ शादी आइए आपको बताते है-

देव उठानी एकादाशी और कोरोना खतरा कम होने के बाद  लोगो में शादियों का उत्साह बढ़ चूका है, इसी बीच बिहार में पकड़ौआ शादी का खतरा भी बढ़ गया है, एक ऐसी शादी जिसमे जबरन लड़का लड़की  की शादी करवाई जाती है इसे फाॅर्स मैरिज भी कहा जाता है यह चलन बिहार के बेगुसराए में 1980 के दसक में शुरू हुआ जिसके बाद धीरे धीरे पूरे बिहार में इसका चलन चल पड़ा, बाद में पकड़ौआ विवाह कराने वाले गिरोह भी सक्रिय हो गए बिहार में चलने वाली इस प्रथा के ऊपर एक टीवी सीरियल भी बनाया गया था, जिसका नाम भाग्यविधाता था जिसमे दर्शाया गया था की कैसे जबरन युवक और युवती  की शादी उनकी मर्ज़ी  के बिना करवा दी जाती है। 

जब भी शादियों का चलन शुरू होता है तब बिहार में सुन्दर विवाह योग्य लड़को को अक्सर ये बात समझाई जाती है  की आप किसी भी तरह इस वक़्त घर से बहार न निकले क्युकी अगर नज़र हटी दुर्घटना घटी शादी योग्य लड़को को अगवा कर उन्हे जबरन शादी के बंधन  में बाँध दिया जाता है।

पहले छल फिर मजबूरी

बिहार के कुछ इलाकों में शादी ब्याह के मौसम में पकडौआ विवाह गिरोह मैरिज ब्यूरो की तर्ज पर सक्रिय हो जाते हैं। इन गिरोहों के पास विवाह योग्य युवकों का पूरा बॉयोडाटा होता है। विवाह योग्य युवक कहां नौकरी करता है?  कहां तक पढ़ा है? उसके परिवार में कितने लोग हैं? इसके बाद गिरोह के सदस्य इच्छुक व्यक्ति की बेटी का विवाह कराने का सौदा तय कर लेते हैं। उनसे मोटी रकम वसूली जाती है और विवाह करवा  दिया जाता है। शादी होने के बाद दोनों को जीवन भर साथ निभाने की कसम खिलाई जाती है।