आखिर गाड़ियों में क्यों होती है अलग-अलग रंगों की नंबर प्लेट्स?

आपने गाड़ियों में अधिकतर अलग अलग रंगों के नंबर प्लेट्स देखे होंगे, लेकिन क्या आप जानते है की इन्हें अलग रंगों में क्यों बाटा गया है? अगर नहीं तो पढिये यह खबर.

आखिर गाड़ियों में क्यों होती है अलग-अलग रंगों की नंबर प्लेट्स?

सड़कों पर कई तरह की गाड़ियां दौड़ती है. आमतौर पर लोगों की नजर गाड़ियों की डिजाइन और उसके ब्रांड्स पर पड़ती है. लेकिन अगर आप गौर करैंगे तो पाएंगे कि गाड़ियों में अलग-अलग रंग के नंबर प्लेट लगे रहते हैं. किसी में सफ़ेद, तो किसी में पिली, काली , लाल नंबर प्लेट्स भी दिख जाती हैं. क्या आप जानते हैं इन अलग-अलग रंगों के नेम प्लेट्स का मतलब क्या होता है? आखिर इन नंबर प्लेट्स के रंग के आधार क्या होता है. आज हम आपको हर रंग के नंबर प्लेट्स का मतलब और उनसे जुड़े facts के बारे में बताने जा रहे हैं.

(1) सफेद नंबर प्लेट 


वे गाड़ियाँ जो प्राइवेट या पर्सनल इस्तेमाल के काम में लाई जातीं हैं उनके ऊपर सफेद रंग की नंबर प्लेट लगी होती है. इन सफ़ेद नम्बर प्लेट के ऊपर काले रंग से गाड़ी का नम्बर अंकित किया हुआ रहता है. इसका मतलब है कि इस गाड़ी का प्रयोग व्यावसायिक उद्देश्य के लिए नहीं किया जा सकता है. यानि आप इसको माल भाड़े पर नहीं दे सकते. अगर आपके पास कोई कार या बाइक है तो आपने देखा होगा कि उसका नंबर प्लेट भी सफेद रंग का होगा जिस पर काले रंग से नंबर लिखे हुए होंगे.

(2) पीली नंबर प्लेट 


आपने पीले नम्बर प्लेट्स की बहुत सी गाड़ियाँ देखी होंगी. पीले रंग की नंबर प्लेट केवल उन वाहनों पर लगाई जाती हैं जो सार्वजनिक होते हैं. उनका कमर्शियल इस्तेमाल होता है. सार्वजनिक यानि Commercial vehicle होते हैं. जैसे- बस, टैक्सी, ओला और उबर कैब, ऑटो रिक्शा, बाइक टैक्सी आदि. इनके अलावा कमर्शियल माल वाहनों पर भी इसी रंग की नंबर प्लेट्स का इस्तेमाल होता है. जैसे- ट्रक, मिनी ट्रक, लोडर आदि. पीले रंग की नंबर प्लेट के वाहन चलाने वाले चालकों के पास कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस का होना अनिवार्य है.

(3) लाल नंबर प्लेट 


लाल रंग की नंबर प्लेट्स केवल भारत के राष्ट्रपति और राज्य के राज्यपाल की आधिकारिक वाहनों में लगी होतीं हैं. इन पर लाइसेंस प्लेट नहीं होती है. नंबर प्लेट पर नंबर के बजाए अशोक का चिह्न अंकित होता है. इन वाहनों पर लाल रंग की ढाल पर सोने में उभरा हुआ अशोक का प्रतीक चिह्न लगा होता है. इसके अलावा लाल रंग की टेम्पोरेरी नंबर प्लेट उन वाहनों पर भी लगी होती हैं जिन्हें कोई कार निर्माता कंपनी, टेस्टिंग या फिर प्रोमोशन के लिए सड़कों पर उतारती है.

(4) हरी नंबर प्लेट 


भारत में हरे रंग की नंबर प्लेट बिल्कुल नई हैं. यह केवल इलेक्ट्रिक वाहनों पर लगाई जाती है. ख़ास बात ये है कि हरे रंग की नंबर प्लेट सभी प्राइवेट और कमर्शियल वाहनों पर लगाई जाती हैं. इनमें एक ख़ास बात ये होती है कि प्राइवेट इलेक्ट्रिक वाहनों पर हरे रंग की नंबर प्लेट पर सफेद रंग के नंबर लिखे होते हैं, जबकि कमर्शियल इलेक्ट्रिक वाहनों पर पीले रंग की स्याही से नंबर लिखे जाते हैं. 

(5) नीली नंबर प्लेट 


भारत में नीले रंग की नंबर प्लेट केवल उन वाहनों पर लगाई जाती हैं, जिनका इस्तेमाल विदेशी प्रतिनिधियों, राजदूतों आदि के द्वारा किया जाता है. इन नीले रंग की प्लेट्स पर सफ़ेद रंग से नम्बर लिखे होते हैं. ऐसे वाहनों का प्रयोग विदेशी दूतावासों, विदेशी राजदूत या राजनयिकों के द्वारा किए जाते हैं.

(6) काली नंबर प्लेट 


काले रंग की नंबर प्लेट केवल ऐसे कमर्शियल वाहनों पर लगाई जाती है, जिन्हें किराये पर दिया जाता है. इन रेंटल कार पर काले रंग की नंबर प्लेट लगी होती हैं, जिनपर पीले रंग से नंबर लिखे हुए होते हैं. लेकिन इन गाड़ियों का प्रयोग केवल कमर्शियल उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है.