एबीपी गंगा के पत्रकार सुलभ श्रीवास्तव की संदिग्ध मौत कुछ दिनों से माफियों की मिल रही थी धमकियां

रविवार रात एक ईंट भट्ठे के किनारे मृत पाए गए नामी चैनल एबीपी गंगा के पत्रकार सुलभ श्रीवास्तव

एबीपी गंगा के पत्रकार सुलभ श्रीवास्तव की संदिग्ध मौत कुछ दिनों से माफियों की मिल रही थी धमकियां

पत्रकारिता के क्षेत्र में नामी चैनल एबीपी गंगा के पत्रकार सुलभ श्रीवास्तव की संदिग्ध तरीके मौत हो गई है। बताया जा रहा है की उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ ज़िले में पत्रकार सुलभ श्रीवास्तव की रविवार रात एक ईंट भट्ठे के किनारे संदिग्ध हालात में मृत पाए गए। उनकी मौत से उनके घर में कोहराम मच गया साथ ही एबीपी गंगा चैनल ने जब इस खबर का प्रसारण किया था तो सरकार हलचल में आ गई। पत्रकार सुलभ के हत्यारों के खिलाफ प्रयागराज में रिपोर्ट दर्ज कराइ गई है। हालाकिं हत्यारों का अभी तक कुछ पता नहीं चल पाया है। 

परिवार जैसा चाहेगा वैसी जांच कराई जाएगी 

एडीजी प्रेम प्रकाश ने जानकारी दी है की उन्होंने पत्रकार के परिजनों को सुरक्षा दी है उनके घर के बाहर दो पुलिस कांस्टेबल लगे हुए है। उन्होंने कहा सुलभ श्रीवास्तव जी का परिवार जिस तरह चाहेगा उस तरह से मामले में जांच कराई जाएगी। परिवार अगर कहेगा तो किसी दूसरे जिले की एसआईटी से भी जांच कराई जाएगी।  लिखित सीबीआई जांच की मांग होने पर उसे शासन को भेजा जाएगा. परिवार की मांग का पूरा ख्याल रखा जाएगा. एडीजी प्रेम प्रकाश ने सुलभ के लेटर पर सफाई देते हुए कहा कि कल दोपहर को ही लेटर मिला था जिसे तुरंत प्रतापगढ़ के एसपी को फॉरवर्ड कर दिया गया था। एसपी ने तुरंत सुलभ से बात भी कर ली थी. रात को जिस खबर की कवरेज करने गए थे वहां भी प्रभारी एसपी ने उनसे बात कर हर तरह की मदद का भरोसा दिलाया था। 


प्रतापगढ़ की पुलिस पर भरोसा नहीं 

इस हत्या के पीछे सुलभ श्रीवास्तव की पत्नी रेणुका श्रीवास्तव ने बहुत बड़ी आशंका जताई है। अन्य परिजनों का आरोप है ये कोई हादसा नहीं बल्कि हत्या है पूरे मामले में सीबीआई जांच करें। पत्नी का आरोप है कि प्रतापगढ़ की पुलिस पर भरोसा नहीं है। प्रतापगढ़ पुलिस मामले में लीपापोती करेगी। सीबीआई जांच से ही सच सामने आएगा। परिवार ने अपने लिए भी खतरे का अंदेशा जताया है और सुरक्षा की मांग की है। परिवार का आरोप है कि सुलभ कई दिनों से बेहद परेशान थे। सुलभ श्रीवास्तव ने परिवार के सामने ही पुलिस को देने के लिए प्रार्थना पत्र तैयार किया था। पत्नी ने कहा कि अगर पुलिस ने वक्त रहते मदद कर दी होती तो आज सुलभ जिंदा होते।   


शैक्षिक योग्यता के आधार पर दी जाएगी नौकरी 

प्रतापगढ़ के डीएम नितिन बंसल ने आर्थिक मुआवजे की सिफारिश सरकार से किए जाने की जानकारी दी साथ ही पत्नी को नौकरी दिए जाने का वायदा भी किया। उन्होंने कहा कि शैक्षिक योग्यता के आधार पर नौकरी दिलाई जाएगी। प्रतापगढ़ के सांसद संगम लाल गुप्ता ने कहा इस मामले में इंसाफ होगा, कहीं कोई कोताही नहीं बरती जाएगी। परिवार को इंसाफ दिलाया जाएगा। सपा एमएलसी अक्षय प्रताप उर्फ़ गोपाल जी ने भी सरकार को घेरते हुए सीबीआई जांच की मांग की। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी प्रदर्शन कर सुलभ के परिवार वालों के लिए इंसाफ की मांग की है। 


पहले से थी सुलभ को आशंका

घटना से एक दिन पहले ही यानी 12 जून को सुलभ श्रीवास्तव ने इलाहाबाद ज़ोन के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक और प्रतापगढ़ के पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर अपनी हत्या की आशंका जताई थी। पत्र में उन्होंने लिखा था कि शराब माफ़िया से उनकी जान को ख़तरा है क्योंकि उन्होंने एक ख़बर लिखी थी जिसे लेकर उन्हें धमकियाँ मिल रही थीं और दो दिन से उनका पीछा किया जा रहा था। स्थानीय पत्रकार मनोज त्रिपाठी के मुताबिक़, "असलहा फ़ैक्टरी पर कार्रवाई की ख़बर कवर करके रात नौ बजे के क़रीब सुलभ श्रीवास्तव लालगंज से मुख्यालय की ओर आ रहे थे. रास्ते में यह हादसा हुआ. पीछे से आ रहे साथी पत्रकारों ने उन्हें ज़िला अस्पताल में भर्ती कराया जहाँ कुछ ही देर बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया."

आप पार्टी के सदस्य संजय सिंह ने यूपी सरकार से जताई नाराजगी 

पत्रकार सुलभ श्रीवास्तव की मौत को लेकर राजनीतिक दलों के नेताओं ने सरकार पर निशाना साधना शुरू कर दिया है. आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने इसे हत्या क़रार दिया है. उन्होंने ट्वीट कर कहा, "शराब माफ़ियाओं के ख़िलाफ़ ख़बर चलाने के कारण यूपी में एक पत्रकार की हत्या हो जाती है जबकि एक दिन पहले सुलभ जी ने एडीजी को पत्र लिखकर हत्या की आशंका जताई थी, लेकिन सब सोते रहे."