गुरुपूर्णिमा के अवसर पर पहुंचे भारी संख्या में श्रद्धालु, कांवड़ियों के 120 वाहन बॉर्डर से लौटाए

कांवड़ यात्रा निषेध रहेगी लकिन वावजूद पहुंचे कांवड़ यात्री बॉर्डर से लौटाया 120 वाहनों को

गुरुपूर्णिमा के अवसर पर पहुंचे भारी संख्या में श्रद्धालु, कांवड़ियों के 120 वाहन बॉर्डर से लौटाए

उत्तराखंड में श्रावण माह की शुरुआत हो चुकी है वहीं कोरोना संक्रमण के चलते राज्य सरकार ने एलान कर दिया था की इस साल भी प्रदेश में कांवड़ यात्रा निषेध रहेगी लकिन वावजूद इसके सीएम का या एलान किसी तरह का काम नहीं आया। वहीं शनिवार आज गुरुपूर्णिमा के चलते एक बार फिर भारी संख्या संख्या में भीड़ दिखाई दी। गुरुपूर्णिमा के अवसर पर हजारों श्रद्धालु गंगा स्नान करने पहुंचे थे। 

हालाकिं शुक्रवार को जिला प्रशासन ने साफ़ तौर पर कहा था की इस मौके पर केवल सांकेतिक स्नान करने की अनुमति है और कोरोना नियमों का पालन करवाया जाएगा। भारी भीड़ को देख कर प्रतीत हो रहा था की आने वालों श्रद्धालुओं ने अभी भी कोरोना की दूसरी लहर से सबक नहीं लिया है। हर की पौड़ी समेत कई घाटों पर भीड़ जमा मिली भीड़ देख कर अंदाजा लगाया जा सकता था की यहां श्रद्धा की पहले और जान की बाद में फ़िक्र है क्यूंकि श्रद्धालु तनिक भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करते नजर आए। 

पच्चीस जुलाई से कांवड़ यात्रा होना तय था जिस वक़्त सीएम धामी और यूपी सीएम योगी में कांवड़ यात्रा को लेकर चर्चा चल रही थी उस वक़्त अनुमान था की कोरोना नियमों के तहत यात्रा शुरू हो सकती है। अंत में विचार विमर्श के बाद यात्रा को रद्द करने का आदेश दिया गया था। सुरक्षा की दृष्टि से यह नियम है कि किसी भी श्रद्धालु को कोविड निगेटिव रिपोर्ट न होने पर प्रवेश न दिया जाए। यही नियम शुक्रवार को प्रशासन ने गुरु पूर्णिमा स्नान के लिए भी लागू किया और शनिवार को इसका सख्ती से पालन करवाए जाने का दावा किया था। लेकिन ऐसा हो नहीं सका। 

शनिवार आज कांवड़ियों ने वाहनों से हरिदूवार की तरफ रुख किया तो श्यामपुर बॉर्डर से उनकी पांच गाड़ियों को एंट्री नहीं दी गई। बताया जा रहा है की नारसन, श्यामपुर, भगवानपुर और चिड़ियापुर की तरफ से आ रहे करीब 120 वाहनों को शुक्रवार को हरिद्वार में प्रवेश नहीं दिया गया। कांवड़ियों के प्रवेश को लेकर सख्ती बरती गई है और हरिद्वार प्रशासन ने बॉर्डर सील करने के दावे किए हैं. लेकिन, गुरु पूर्णिमा के अवसर पर दावे नाकाम साबित होने के बाद इन दावों पर सवाल खड़े हो रहे हैं।