एक कैट लवर ने खोला 'कैट गार्डन' तमाम फैसेलिटी के साथ रहती है 200 से अधिक बिल्लिया

जानवरों के लिए प्रेम होना उनसे लगाव होता बहुत अच्छी बात है ख़ासकर उन जानवरों के लिए जो रास्तों में भटकते है खाने के लिए घर के लिए.

एक कैट लवर ने खोला 'कैट गार्डन' तमाम फैसेलिटी के साथ रहती है 200 से अधिक बिल्लिया

जानवरों के लिए प्रेम होना उनसे लगाव होता बहुत अच्छी बात है ख़ासकर उन जानवरों के लिए जो रास्तों में भटकते है खाने के लिए घर के लिए. हम सबका यह फर्ज बनता है की जिस तरह से हमारी जरूरतें है उसी तरह से इन जानवरों की खाने की रहने की जरूरत होती है. वही कच्छ के रहने वाले उपेंद्र गोस्वामी बीलियों के प्रति अपना अलग ही तरह का प्यार जताया है. 


उपेंद्र गोस्वामी लगभग 500 वर्ग गज क्षेत्र में एक 'कैट गार्डन' ही खोल लिया. उनके इस 'कैट गार्डन' दो सौ से भी ज्यादा बिल्लियां रहती है. उपेंद्र 2017 में 'कैट गार्डन' की स्थापना की थी. लेकिन इसकी वजह उनकी बहन है जो अब इस दुनिया में नहीं रही. जिनकी 1994 में मृत्यु हो गई थी. उपेंद्र ने बताया की वह हर साल अपनी बहन का जन्मदिन मनाते है. उन्होंने बताया एक बार वो अपनी बहन के जन्मदिन का केक काट रहे थे और उस वक़्त उनके घर में एक बिल्ली आई उस बिल्ली ने उनके साथ केक भी खाया और तब से वह उनके साथ रह रही है. उन्हें लगता मेरी बहन हमारे घर एक बिल्ली के रूप में आई थी.


उन्होंने आगे कहा कि उनके परिवार ने तब से कई बिल्लियों को पालना शुरू किया और अभी तक बिल्लियां पाली  रही है. कैट हाउस में पाले जाने वाली बिल्लियों को सभी सुविधाएं दी जाती है. उन्होंने बताया की बिल्लियों के लिए हमारे यहां चार एसी कमरे हैं और 12 बेड के साथ 16 कॉटेज हैं। शॉवर और एक मिनी थिएटर है जहां बिल्लियाँ शाम को जानवरों से संबंधित शो देखती हैं। उन्हें दिन में तीन बार भोजन दिया जाता है और हम उन्हें सर्वश्रेष्ठ ब्रांड प्रदान करना सुनिश्चित करते हैं। 

उन्होंने कहा कि बिल्लियों के लिए नियमित पशु चिकित्सा जांच की जाती है और अहमदाबाद जीवदया चैरिटेबल ट्रस्ट उनके प्रयास में उनका समर्थन करता है। "ये बिल्लियाँ हमारे परिवार का हिस्सा हैं और हम उनकी उचित देखभाल करना सुनिश्चित करते हैं," उन्होंने कहा। गोस्वामी की पत्नी एक स्कूल प्रिंसिपल हैं और कैट हाउस की देखभाल में अपने पति की भी मदद करती हैं। दंपत्ति स्वयं बिल्ली के घर के रखरखाव के लिए प्रति माह आवश्यक ₹ 1.5 लाख का 90 प्रतिशत खर्च वहन करते हैं. कैट गार्डन ''प्रत्येक रविवार को न्यूनतम प्रवेश शुल्क के साथ चार घंटे आगंतुकों के लिए खोला जाता है। गोस्वामी अपने पेशेवर जीवन में सफलता का श्रेय कैट हाउस को देते हैं।