शादी में ऊंची जाती के समुदाय के साथ खाना खाने पर 45 वर्षीय दलित की पिटाई से हुई मौत

उत्तराखंड के नैनीताल जिले में एक शादी में ऊंची जाति के लोगों के साथ खाना खाने से नाराज कुछ लोगों ने दलित समुदाय के एक 45 वर्षीय व्यक्ति को बुरी तरह से उसकी पिटाई कर दी

शादी में ऊंची जाती के समुदाय के साथ खाना खाने पर 45 वर्षीय दलित की पिटाई से हुई मौत

उत्तराखंड के नैनीताल जिले में एक शादी में ऊंची जाति के लोगों के साथ खाना खाने से नाराज कुछ लोगों ने दलित समुदाय के एक 45 वर्षीय व्यक्ति को बुरी तरह से उसकी पिटाई कर दी जिससे इस रहस्मयी मौत का कारण पिटाई को माना जा रहा है है क्यूंकि मृतक के शरीर में चोट के निशान पाए गए थे। मृतक की पहचान रमेश राम के रूप में हुई है, जिसकी चंपावत के पाटी प्रखंड में सिलाई की दुकान थी. एक शादी समारोह में शामिल होने के एक रात बाद मंगलवार की सुबह उन्हें कई चोटें मिलीं। उसे चिकित्सा देखभाल के लिए चंपावत के लोहाघाट शहर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ले जाया गया। बाद में, उन्हें एक उच्च चिकित्सा सुविधा में स्थानांतरित कर दिया गया, जहां उनकी मृत्यु हो गई। 


पत्नी ने दर्ज कराइ रिपोर्ट 

मृतक राम की पत्नी तुलसी देवी के मुताबिक, शादी में मृतक राम ऊँची जाती के समुदायों के साथ बैठा और उनके साथ रात का खाना खाया। पत्नी तुलसी का आरोप है कि वहां मौजूद एक समूह ने इसका विरोध किया और उसकी पिटाई कर दी। तुलसी द्वारा दर्ज की गई शिकायत के आधार पर, पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) और अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के संबंधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है। वही टाइम्स नाउ में प्रकाशित एक रिपोर्ट में कहा गया है कि मामले की जांच करने के लिए चार पुलिसकर्मियों की एक टीम को नियुक्त किया गया है। 


घोड़े पर दूल्हे ने निकाली बरात तो हुआ पथराव 

रिपोर्ट में चंपावत के एसपी देवेंद्र सिंह पिंचा के हवाले से कहा गया है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही व्यक्ति की मौत के सही कारणों का पता चलेगा। हम मामले की सभी कोणों से जांच कर रहे हैं। राजस्थान के जयपुर में अपनी दुल्हन के घर घोड़े पर सवार एक दलित दूल्हे की बारात पर पथराव किए जाने के कुछ दिनों बाद यह बात सामने आई है। चौंकाने वाली बात यह है कि समारोह के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा प्रदान करने के लिए तैनात पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में यह घटना हुई। रिपोर्ट के अनुसार, घटना के बाद, कम से कम 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया और पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) सहित तीन पुलिस अधिकारियों को हटा दिया गया।