ब्रह्म मुहूर्त में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ खुले चौथे केदार रुद्रनाथ मंदिर के कपाट

चौथे केदार रुद्रनाथ मंदिर के कपाट ब्रह्म मुहूर्त में पांच बजे वैदिक मंत्रोच्चार के साथ खोल दिए गए हैं

ब्रह्म मुहूर्त में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ खुले चौथे केदार रुद्रनाथ मंदिर के कपाट

चौथे केदार रुद्रनाथ मंदिर के कपाट ब्रह्म मुहूर्त में पांच बजे वैदिक मंत्रोच्चार के साथ खोल दिए गए हैं। रुद्रनाथ मंदिर को चारों ओर गेंदे के फूलों से सजाया गया है। उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित रुद्रनाथ मंदिर बुग्याल के बीच में स्थित है। गोपेश्वर के पास सागर गांव से रुद्रनाथ मंदिर तक जंगलों और बुग्यालों के माध्यम से 24 किलोमीटर की लंबी दूरी को पार करके पहुंचा जा सकता है। 


बुधवार दोपहर रुद्रनाथ की उत्सव डोली ने रुद्रनाथ मंदिर में प्रवेश किया। कपाट खुलने के दौरान करीब 400 श्रद्धालु रुद्रनाथ पहुंच चुके हैं। रुद्रनाथ मंदिर में भगवान शिव का चेहरा दिखाई देता है। इस बार रुद्रनाथ मंदिर में पूजा की जिम्मेदारी आचार्य पंडित हरीश भट्ट को सौंपी गई है। 


वहीं दूसरे केदार भगवान मदमहेश्वर के कपाट भी पूरी लगन से श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। इसके बाद छह माह तक धाम में ही आराध्य की पूजा की जाएगी। बाबा मदमहेश्वर का मोबाइल उत्सव विग्रह डोली अपने अंतिम रात्रि प्रवास के लिए गोंदर गांव पहुंचा था।