Chandigarh University MMS Kand Explained: जानिए मोहाली MMS कांड का पूरा सच

देखते ही देखते, मोहाली MMS काण्ड ने विकराल रूप ले लिया, इस समय हर ओर मोहाली के चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में छात्राओं के एमएसएस काण्ड की ही चर्चा हो रही है

Chandigarh University MMS Kand Explained: जानिए मोहाली MMS कांड का पूरा सच

देखते ही देखते, मोहाली MMS काण्ड ने विकराल रूप ले लिया, इस समय हर ओर मोहाली के चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में छात्राओं के एमएसएस काण्ड की ही चर्चा हो रही है, कॉलेज प्रशाशन से लेकर छात्राओं के परिजन सभी इस काण्ड से बेहद हैरान थे. फ़िलहाल पुलिस ने इस मामले में आरोपी छात्रा को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी खुद उसी यूनिवर्सिटी में MBA की छात्रा है। उधर, यूनिवर्सिटी प्रशासन ने भी हॉस्टल की वार्डन को हटा दिया है। यूनिवर्सिटी भी छह दिन के लिए बंद कर दी गई है।   


इस मामले से छात्र-छात्राओं से लेकर उनके पैरेंट्स तक परेशान हैं। सबका यही कहना है कि जब एक यूनिवर्सिटी के गर्ल्स हॉस्टल में ऐसी चीजें हो सकती हैं, तो ये कहीं भी और किसी के साथ हो सकता है। हर कोई जानना चाहता है कि इतनी बड़ी घटना कैसे हो गई? आखिर क्यों छात्रा ने अपने हॉस्टल की अन्य लड़कियों के वीडियो बनाए और उसे अपने दोस्त के पास भेजा? 


इन्ही सवालों के जवाब के साथ आइये आपको बताते है इस MMS काण्ड का पूरा मामला. 


चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी परिसर में शनिवार की आधी रात अचानक विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ। इसकी शुरवात तब हुई जब कुछ छात्राओं की नजर टॉइलट के दरवाजे पर पड़ी, तो पता चला कि एक छात्रा उन लोगों का नहाते हुए वीडियो बना रही थी। वॉर्डन को सूचना दी गई। छात्रा को फटकार लगाई गई। इसके कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए।


कुछ ही देर में खबर फैली की आरोपी छात्रा ने 60 से ज्यादा छात्राओं के एमएमएस बनाकर लीक किए हैं। ये एमएमएस वायरल किए गए। खबर उड़ी की एमएमएस लीक होने के बाद यूनिवर्सिटी की आठ छात्राओं ने आत्महत्या की कोशिश की। कुछ छात्राओं को एंबुलेंस में ले जाते हुए वीडियो वायरल हुए। यूनिवर्सिटी में रातभर हंगामा चला।


फिर रविवार की सुबह सूचना पर पुलिस पहुंची। पुलिस ने आरोपी छात्रा को गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ ताक-झांक करने और आईटी अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया। सामने आया कि आरोपी छात्रा ने वीडियो अपने 23 वर्षीय बॉयफ्रेंड सनी मेहता को भेजे।


पुलिस और यूनिवर्सिटी प्रशासन ने दावा किया कि आरोपी छात्रा ने सिर्फ अपने अश्लील वीडियो बनाकर अपने बॉयफ्रेंड सनी को भेजे थे। उन्होंने दावा किया कि आरोपी छात्रा के मोबाइल पर किसी और छात्रा का कोई वीडियो क्लिप या फोटो नहीं मिला है। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने छात्राओं के आत्महत्या करने की बात को भी सिरे से नकारा और इसे अफवाह बताया। पुलिस ने भी अपने बयान में यूनिवर्सिटी प्रशासन की कही गई बात ही दोहराई।


लेकिन यूनिवर्सिटी प्रशासन और पुलिस का बयान सामने आने के बाद स्टूडेंट्स फिर भड़क गए। धीरे-धीरे भीड़ जुटने लगी। विवाद बढ़ता देख यूनिवर्सिटी प्रशासन ने भीड़ तितर-बितर की और छात्राओं को उनके कमरों में भेज दिया गया। यूनिवर्सिटी के गेटों पर जगह-जगह ताले लगा दिए गए। किसी का भी आना-जाना प्रतिबंधित कर दिया गया।


पंजाब पुलिस ने छात्रों के आरोपों की जांच के लिए एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी की अध्यक्षता में एक विशेष जांच दल का गठन किया। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने घटना की उच्च स्तरीय जांच का वादा किया था।


इधर यूनिवर्सिटी के गेट के बहार भीड़ जुटने लगी और छात्राए भी हॉस्टल के गेट और बाउंड्री वॉल फांदकर बाहर आ गई। सैकड़ों छात्र भागकर भीड़ में शामिल हो गए। नारेबाजी शुरू हो गई। शाम तक मामला गरमाता चला गया। पुलिस और यूनिवर्सिटी प्रशासन के अधिकारी पहुंचे और स्टूडेंट्स को समझाकर वापस लौटने को कहा लेकिन स्टूडेंट्स राजी नहीं हुए। यूनिवर्सिटी के बाहर जमकर नारेबाजी हुई। स्टूडेंट्स मौके पर चांसलर को बुलाने के लिए अड़ गए।


देर शाम शिमला में आरोपी छात्रा के बॉयफ्रेंड सनी को गिरफ्तार कर दिया गया। सनी के अलावा एक और 31 साल के आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया। 23 वर्षीय आरोपी सनी, रोहड़ का रहने वाला है। उसे गिरफ्तार किया गया है। वहीं 31 साल के एक दूसरे शख्स को हिरासत में लिया गया है। उसका नाम रंकज वर्मा है। पुलिस अभी भी मामले की जांच कर रही है और आरोपी महिला के फोन को फरेंसिक परीक्षण के लिए भेज दिया गया है। बाथरूम के आसपास के क्षेत्र में भी छिपे हुए कैमरों की जांच की जा रही है।


राष्ट्रीय महिला आयोग ने घटना पर संज्ञान लेते हुए कड़ी कार्रवाई करने को कहा है। आयोग ने कहा कि पीड़ित छात्राओं को उचित सलाह दी जाए और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हो। आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने पंजाब पुलिस के महानिदेशक और विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर को पत्र भी लिखा। पत्र में कहा गया है कि मामले की निष्पक्ष तरीके से जांच की जाए। पंजाब महिला आयोग की अध्यक्ष मनीषा गुलाटी ने भी यूनिवर्सिटी का दौरा किया।


आधी रात तक सैकड़ों छात्र-छात्राएं DSW दफ्तर के बाहर जमा रहे। हंगामा होता रहा। अंधेरे में स्टूडेंट्स के हाथों में सिर्फ मोबाइल टॉर्च की रोशनी नजर आ रही थी। वे आरोप लगा रहे थे कि यूनिवर्सिटी प्रशासन पूरे मामले को रफादफा करने का प्रयास कर रहा है।