संविधान दिवस 2021: आज पूरा देश मना रहा है 'संविधान दिवस'

आजाद भारत के इतिहास में आज का दिन खास है। देश में आज संविधान दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया जा रहा है।

संविधान दिवस 2021: आज पूरा देश मना रहा है 'संविधान दिवस'

संविधान दिवस 2021: आज पूरा देश मना रहा है 'संविधान दिवस', जानिए इसके पीछे का इतिहास

आजाद भारत के इतिहास में आज का दिन खास है। देश में आज संविधान दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। हम सभी जानते हैं कि आज का दिन यानि 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में मनाया जाता है। भारत ने औपचारिक रूप से 26 नवंबर 1949 को एक संविधान सभा के माध्यम से संविधान को अपनाया, हालांकि यह 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ।

भारत में संविधान को तैयार करने में कुल दो साल 11 महीने 18 दिन का समय लगा। हमारा संविधान देश के प्रत्येक नागरिक को स्वतंत्र भारत में रहने का समान अधिकार देता है। संविधान दिवस मनाने का एकमात्र उद्देश्य पश्चिमी संस्कृति के युग में देश के युवाओं के बीच संविधान के मूल्यों को बढ़ावा देना है। इसके अलावा हमारे देश के संविधान के निर्माण में सबसे प्रमुख भूमिका डॉ. भीमराव अंबेडकर की थी, इसलिए उन्हें श्रद्धांजलि देने के प्रतीक के रूप में संविधान दिवस भी मनाया जाता है।

संविधान की आवश्यकता क्यों

दरअसल, जब देश से ब्रिटिश शासन खत्म होने वाला था, तब भारत को एक ऐसी कानूनी किताब की जरूरत थी, जो देश में रहने वाले सभी धर्मों के लोगों के बीच एकता, समानता बनाए रखे। इस किताब की जरूरत इसलिए पड़ी ताकि देश एक हो और सभी लोगों को बिना किसी भेदभाव के सभी अधिकार मिले। इसे देखते हुए स्वतंत्रता सेनानियों के बीच संविधान बनाने की मांग उठने लगी। जब देश स्वतंत्र होने वाला था, तब संविधान सभा के गठन की मांग उठने लगी थी।

इस सभा की पहली बैठक वर्ष 1946 में 9 दिसम्बर को हुई थी। संसद भवन के सेंट्रल हॉल में हुई इस बैठक में 207 सदस्य मौजूद थे. यहां बता दें कि जब संविधान सभा का गठन हुआ था उस समय इस विधानसभा में 389 सदस्य थे लेकिन बाद में इनकी संख्या 299 रह गई। इस विधानसभा की और सदस्यों की संख्या में कमी आई।

डॉ भीमराव अंबेडकर के नेतृत्व में गठित मसौदा समिति

हालांकि 29 अगस्त 1947 को संविधान सभा में एक बड़ा फैसला लिया गया और डॉ भीमराव अंबेडकर के नेतृत्व में मसौदा समिति का गठन किया गया। इसके बाद इसे 26 नवंबर 1949 यानी आज के दिन स्वीकार किया गया और बाद में इसे 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया।